यह पहल ‘एजुकेट गर्ल्स’ के साथ सहयोग पर केंद्रित है, जो पिछड़े समुदायों में लड़कियों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए काम करता है। इसके तहत ओपन स्कूलिंग के माध्यम से लड़कियां 10वीं और 12वीं कक्षा पूरी कर सकती हैं, जिससे उन्हें पारंपरिक स्कूलिंग के बाधाओं से बाहर भी शिक्षा का मौका और भरोसा मिलता है।
‘एजुकेट गर्ल्स’ 12 राज्यों में काम करती है और 10 साल में 10 मिलियन लर्नर्स तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। यूपी वॉरियर्ज महिला प्रीमियर लीग की पहुंच और स्टेडियम अनुभव का उपयोग करके इस जरूरी बातचीत को मुख्यधारा में लाने की दिशा में काम किया है।
मैच से पहले, टीम लिमिटेड-एडिशन जर्सी पहनकर मैदान पर उतरती है, जिसे आर्टिस्ट हारुन रॉबर्ट (रॉब) के साथ मिलकर तैयार किया गया है। जर्सी में एजुकेट गर्ल्स से जुड़ी लड़कियों के हाथों लिखे खतों के हिस्से दिखाई देते हैं, जो सपनों और महत्वाकांक्षाओं का प्रतीक हैं।
‘एजुकेट गर्ल्स’ की फाउंडर सफीना हुसैन ने कहा, “महिला प्रीमियर लीग जैसे मंच पर लड़कियों के सपनों को देखने का अनुभव उन्हें यह संदेश देता है कि उनकी आवाज और आशाएं मायने रखती हैं। इस साझेदारी से शिक्षा को एक बार की घटना नहीं, बल्कि जीवन भर का वादा बनाया जा सकता है।”
इस खास मैच के माध्यम से यूपी वॉरियर्ज ने खेल को सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है और यह दिखाया कि महिला क्रिकेट का प्रभाव सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक बदलाव तक भी इसकी पहुंच है।
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