भारत की कूटनीतिक जीत: शशि थरूर का कमाल, कोलंबिया ने बयान लिया वापस

शशि थरूर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने जताई थी नाराज़गी

भारत की कूटनीतिक जीत: शशि थरूर का कमाल, कोलंबिया ने बयान लिया वापस

india-diplomatic-victory-colombia-withdraws-statement-shashi-tharoor-efforts

भारत को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने की मुहिम में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। कोलंबिया सरकार ने शुक्रवार (30 मई) को आधिकारिक रूप से वह बयान वापस ले लिया है, जिसमें उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान में हुए कथित नागरिक नुकसान पर संवेदना जताई थी, लेकिन भारत में आतंकवाद के पीड़ितों के लिए कोई सहानुभूति नहीं दिखाई थी।

कोलंबियाई सोच में अहम बदलाव उस वक्त आया जब सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में भारत का बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल कोलंबिया पहुंचा और कोलंबिया की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर इस बयान पर गंभीर निराशा व्यक्त की। कोलंबिया की उपविदेश मंत्री रोजा योलेन्डा विल्लाविसेंसियो ने ANI से बातचीत में कहा, “आज हमें जो विस्तृत जानकारी और स्थिति की सच्चाई मिली है, उससे हम संतुष्ट हैं और इस विषय पर संवाद जारी रखेंगे।” इस वक्त उनके साथ शशि थरूर भी मौजूद थे।

थरूर ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उप विदेश मंत्री ने बहुत ही सौहार्दपूर्वक बताया कि उन्होंने वह बयान वापस ले लिया है, जिस पर हमने चिंता व्यक्त की थी, और अब कोलंबिया सरकार हमारे दृष्टिकोण को पूरी तरह समझती है, यह हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

थरूर ने इसके बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “आज की शुरुआत कोलंबिया की उप विदेश मंत्री रोजा योलेन्डा विल्लाविसेंसियो और एशिया-प्रशांत मामलों से जुड़े उनके वरिष्ठ सहयोगियों के साथ एक बेहतरीन बैठक से हुई। मैंने 8 मई के कोलंबिया के बयान पर भारत की असहमति जताई, जिसमें पाकिस्तान के प्रति ‘हार्दिक संवेदना’ व्यक्त की गई थी। मंत्री ने आश्वस्त किया कि बयान वापस ले लिया गया है और भारत की स्थिति को अब समझा और समर्थन किया जा रहा है।”

थरूर के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल भारत की वैश्विक कूटनीतिक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत करना है। कोलंबिया से पहले यह प्रतिनिधिमंडल पनामा और गुयाना का दौरा कर चुका है, और अब शनिवार को ब्राज़ील और अमेरिका के लिए रवाना होगा।

इस प्रतिनिधिमंडल में शशि थरूर के अलावा कई दलों के प्रमुख नेता शामिल हैं, जिनमें भुवनेश्वर कालिता (बीजेपी), मिलिंद देवड़ा (शिवसेना), शांभवी (LJP), जीएम हरीश बालयोगी (TDP), भारत के पूर्व अमेरिका राजदूत तरनजीत सिंह संधू, और बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या शामिल हैं।

यह घटनाक्रम भारत की वैश्विक रणनीति में एक और उदाहरण है कि कैसे विभिन्न राजनीतिक दलों की एकजुटता के साथ भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज़ को प्रभावी ढंग से उठा रहा है, और दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दे रहा है कि आतंकवाद के प्रति किसी भी प्रकार की सहानुभूति स्वीकार्य नहीं है।

यह भी पढ़ें:

ममता कुलकर्णी ने राहुल गांधी को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सबूत पाकिस्तान भेजने को कहा!

‘टर्किश एयरलाइंस से लीज समझौता खत्म करें’:- केंद्र सरकार

पाकिस्तान से पिछा छुडा रहा रूस, ‘फर्जी खबरों’ को किया खारिज

‘द ट्रेटर्स’ से डेब्यू पर अंशुला बोलीं- एक्टिंग हमारे डीएनए में है!

Exit mobile version