नष्ट हुए रनवे और जले हुए हैंगर जीत की तरह लगते हैं,तो पाकिस्तान इसका आनंद ले सकता है!

नष्ट हुए रनवे और जले हुए हैंगर जीत की तरह लगते हैं,तो पाकिस्तान इसका आनंद ले सकता है!

India Slams Pakistan’s “Victory” Claim at UNGA, Cites Destroyed Runways & Hangars

भारत ने शनिवार (27 सितंबर) को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के मई के संघर्ष में “जीत” के दावे का उपहास उड़ाते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नष्ट हुए हवाई ठिकानों और क्षतिग्रस्त सैन्य बुनियादी ढांचे की तस्वीरें बहुत अलग तस्वीर पेश करती हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में भारत के उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने कहा कि अगर नष्ट हुए रनवे और जले हुए हैंगर जीत की तरह लगते हैं, जैसा कि प्रधानमंत्री ने दावा किया है, तो पाकिस्तान इसका आनंद ले सकता है।

शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने भाषण में मई में हुए तनाव में पाकिस्तान को विजेता बताने की कोशिश की थी। गहलोत ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि घटनाक्रम बिल्कुल अलग सच्चाई की ओर इशारा करता है।

दौरान पेटल गहलोत ने कहा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ हालिया संघर्ष का एक विचित्र विवरण भी दिया। इस मामले में रिकॉर्ड साफ़ है। 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमले की धमकी दे रहा था। लेकिन 10 मई को उसकी सेना ने हमसे सीधे लड़ाई रोकने की गुहार लगाई।”

गहलोत ने कहा, “बीच की घटना भारतीय सेना द्वारा कई पाकिस्तानी हवाई अड्डों को पहुँचाई गई तबाही थी। उस नुकसान की तस्वीरें, ज़ाहिर है, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। अगर नष्ट हुए रनवे और जले हुए हैंगर जीत की तरह लगते हैं, जैसा कि प्रधानमंत्री ने दावा किया है, तो पाकिस्तान इसका आनंद ले सकता है।”

गहलोत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर भारत के हमलों के फोटोग्राफिक साक्ष्य का हवाला देते हुए आगे कहा। उन्होंने कहा, “एक तस्वीर हज़ार शब्द बयां करती है और हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर और मुरीदके आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना द्वारा मारे गए आतंकवादियों की कई तस्वीरें देखीं। जब वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य और असैन्य अधिकारी सार्वजनिक रूप से ऐसे कुख्यात आतंकवादियों का महिमामंडन और श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, तो क्या इस शासन की प्रवृत्ति पर कोई संदेह हो सकता है?”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक बार फिर भारतीय नागरिकों पर आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार है और नई दिल्ली ने अपने लोगों की रक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई की है। गहलोत ने कहा, “सच्चाई यह है कि अतीत की तरह, भारत में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकवादी हमले के लिए पाकिस्तान ज़िम्मेदार है। हमने ऐसी कार्रवाइयों के ख़िलाफ़ अपने लोगों की रक्षा करने के अधिकार का प्रयोग किया है और आयोजकों और अपराधियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया है।”

शाहबाज शरीफ ने महासभा में भाषण के दौरान दुनिया से शांति की गुहार लगाई थी, वहीं पेटल गहलोत ने जवाब देकर कहा की रास्ता साफ है बशर्ते पाकिस्तान अपने आतंकवादी ढांचे को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा, “पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत के साथ शांति की बात कही है। अगर वह सचमुच सच्चे हैं, तो रास्ता साफ़ है। पाकिस्तान को तुरंत सभी आतंकवादी शिविर बंद करने चाहिए और भारत में वांछित आतंकवादियों को हमें सौंप देना चाहिए। यह विडंबना ही है कि एक देश जो घृणा, कट्टरता और असहिष्णुता में डूबा हुआ है, वह इस सभा को आस्था के मामलों पर उपदेश दे रहा है। पाकिस्तान का राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श उसके असली स्वरूप को दर्शाता है। स्पष्ट रूप से, उन्हें आईने में देखने की बहुत देर हो चुकी है।”

भारत का रुख दोहराते हुए गहलोत ने कहा, “भारत और पाकिस्तान लंबे समय से इस बात पर सहमत हैं कि उनके बीच किसी भी लंबित मुद्दे को द्विपक्षीय रूप से सुलझाया जाएगा। इस संबंध में किसी तीसरे पक्ष के लिए कोई जगह नहीं है। यह हमारा दीर्घकालिक राष्ट्रीय रुख है।”

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