ईरान में अशांति के बीच भारत लौटे भारतीयों ने सरकार का जताया आभार

‘हालात बहुत खराब, इंटरनेट बंद’

ईरान में अशांति के बीच भारत लौटे भारतीयों ने सरकार का जताया आभार

Indians return to India amid unrest in Iran, express gratitude

ईरान में बढ़ती अशांति, विरोध प्रदर्शनों और संचार ब्लैकआउट के बीच कई भारतीय नागरिक सुरक्षित स्वदेश लौट आए हैं। शुक्रवार(16 जनवरी) देर रात इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे यात्रियों के चेहरों पर राहत साफ दिखी, वहीं बाहर इंतज़ार कर रहे परिजनों में बेचैनी के बाद सुकून का माहौल रहा। भारत सरकार और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से जारी सलाहों के बाद यह वापसी संभव हो सकी। वहीं भारत लौटे यात्रियों ने सरकार का आभार जताते हुए ईरान के भयावह हालात के बारे में बताया।

विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास ने छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों सहित सभी भारतीय नागरिकों से उपलब्ध परिवहन विकल्पों के जरिए ईरान छोड़ने को कहा था। सरकार ने कहा कि वह हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा व भलाई के लिए “जो भी आवश्यक होगा, करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

भारत लौटे नागरिकों ने ईरान में हालात के तेजी से बिगड़ने का जिक्र किया। एक यात्री ने दिल्ली पहुंचने के बाद कहा, “वहां हालात बहुत खराब हैं। भारत सरकार बहुत सहयोग कर रही है और दूतावास ने हमें जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की जानकारी दी।”

एक अन्य लौटे नागरिक ने बताया कि हाल के हफ्तों में असुरक्षा की भावना काफी बढ़ गई थी। उन्होंने कहा, “हम एक महीने से वहां थे, लेकिन पिछले एक-दो हफ्तों में ही समस्याएं बढ़ीं। जब हम बाहर निकलते थे तो प्रदर्शनकारी कार के सामने आ जाते थे और परेशानी खड़ी करते थे। इंटरनेट बंद था, इसलिए हम अपने परिवार से कुछ भी नहीं बता पाए। हम बहुत चिंतित थे। हम दूतावास से भी संपर्क नहीं कर पा रहे थे।”

ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के निवसी ने प्रदर्शन की तीव्रता को याद करते हुए कहा, “वहां के प्रदर्शन खतरनाक थे। भारतीय सरकार ने बहुत अच्छा प्रयास किया और छात्रों को वापस लाया।”

हवाई अड्डे के बाहर परिजनों का इंतजार खत्म होने का पल भावुक रहा। एक व्यक्ति अपनी पत्नी की मौसी का इंतजार कर रहा था, जो तीर्थयात्रा पर ईरान गई थीं उसने बताया, “ईरान भारत का हमेशा अच्छा मित्र रहा है और हमें मोदी सरकार पर पूरा भरोसा था, जो लगातार समर्थन कर रही थी। हम भारत सरकार का धन्यवाद करते हैं कि यह संभव हुआ। हम बहुत खुश हैं कि हमारे परिवार का सदस्य लौट रहा है।”

एक अन्य परिजन ने हालात को “युद्ध जैसे” बताते हुए कहा, “इंटरनेट बंद था और हम किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। हम बहुत चिंतित थे। हम बहुत खुश हैं कि वह सुरक्षित भारत लौट रही हैं। इन कठिन हालात में व्यवस्था करने के लिए हम भारत सरकार का धन्यवाद करते हैं।” एक अलग परिवार के सदस्य ने बताया कि उनकी मां और मौसी तीन दिनों तक संपर्क में नहीं थीं। उन्होंने कहा, “हम बहुत परेशान थे। आज वे भारत लौट रही हैं।”

तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने अपनी सलाह में तेजी से बदलते हालात का हवाला देते हुए नागरिकों से वाणिज्यिक उड़ानों और अन्य उपलब्ध साधनों से ईरान छोड़ने को कहा था। वहीं, नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय ने भी अगले आदेश तक ईरान की यात्रा से बचने की कड़ी सलाह दी है और 5 जनवरी को जारी पहले के परामर्श को दोहराया, जिसमें वहां मौजूद भारतीयों से सतर्क रहने और प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा गया था।

बता दें की, ईरानी रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से 28 दिसंबर को तेहरान के ग्रैंड बाज़ार से ईरान में अशांति की शुरुआत हुई। इसके बाद विरोध प्रदर्शन देशभर में फैल गए। जल संकट, बिजली कटौती, बढ़ती बेरोजगारी और तेज़ महंगाई जैसे कई कारकों ने आर्थिक दबाव बढ़ाया और जन आक्रोश को और भड़काया। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में और भारतीयों के लौटने की संभावना है। दूतावास के साथ समन्वय जारी है और भारत सरकार क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात का आकलन करती हुई आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

यह भी पढ़ें:

देश में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप रजिस्टर्ड, 21 लाख से अधिक लोगों को मिला रोजगार: पीयूष गोयल

भारत निवेश लाता है, पाकिस्तान नहीं…: अमेरिकी सांसद ने दिया ‘रियलिटी चेक’

ए आर रहमान के ‘कम्युनल एंगल’ के दावे पर बवाल

Exit mobile version