ईरान ने तेहरान पर संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं। इजरायल की सेना ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई हालिया निवारक हमले के जवाब में की गई है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। इजरायली सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इजरायल द्वारा किए गए निवारक हमले के कुछ घंटों के भीतर ही ईरान की ओर से मिसाइलें दागे जाने के बाद इजरायल के कई हिस्सों में एयर रेड सायरन बजने लगे।
इस टकराव ने जल्द ही व्यापक रूप ले लिया। मीडियासे बातचीत में दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर हवाई और समुद्री हमलों की एक श्रृंखला शुरू की है। हालांकि अभियान का पूरा दायरा तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका, लेकिन एक अधिकारी ने संकेत दिया कि यह कार्रवाई कई दिनों तक जारी रह सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर साझा एक रिकॉर्डेड संदेश में इस अभियान को निरंतर चलने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन का उद्देश्य तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम न केवल क्षेत्रीय सहयोगियों बल्कि अमेरिका के लिए भी सीधा खतरा है और चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान की मिसाइल अवसंरचना को ध्वस्त करने के लिए तैयार है। ट्रंप ने कहा, “हमारा उद्देश्य ईरानी शासन से आसन्न खतरों को समाप्त करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है।”
तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच इजरायल ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों के पास रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है। साथ ही भारत की ओर से इजरायल में मौजूद भारतीयों को अत्यंत सावधानी बरतने और भारतीय दूतावास के साथ संपर्क रहने की सलाह दी गई है। ईरान की ओर से आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा की जा रही है। यदि कूटनीतिक प्रयास तत्काल प्रभाव से नहीं बढ़ाए गए तो दोनो ओर से किए गए हमले संवेदनशील मध्य पूर्व क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव का रूप ले सकती हैं।
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