खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमले; अबू धाबी, कुवैत और बहरीन में धमाके

तेहरान पर हमलों के बाद ईरान का पलटवार

खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमले; अबू धाबी, कुवैत और बहरीन में धमाके

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ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के बाद मध्य पूर्व में सैन्य टकराव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को ईरान ने कथित तौर पर खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले किए, जिसके बाद कई देशों में विस्फोटों और आपातकालीन अलर्ट की खबरें सामने आईं।

अमेरिका और इजरायल ने इससे पहले ईरान में कई लक्ष्यों पर प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने पुष्टि की थी कि वॉशिंगटन इजरायल द्वारा किए ‘ऑपरेशन रोअर ऑफ़ द लायन’ में शामिल था और वह ईरान को परमाणु हथियार मिलने नहीं देगा । हमलों के बाद ईरान ने पलटवार की चेतावनी देते हुए खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू किए।

क्षेत्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे और संयुक्त अरब अमीरात के अल-धफरा एयरबेस को निशाना बनाया। बहरीन की राजधानी मनामा और यूएई की राजधानी अबू धाबी में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।

दौरान मीडिया ने अबू धाबी में जोरदार धमाके की पुष्टि की है, जबकि दुबई और सऊदी अरब में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। बहरीन सरकार ने पुष्टि की कि जुफैर क्षेत्र में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल से निशाना बनाया गया। बेस के आसपास धुआं उठता देखा गया। इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देते हुए आपातकालीन अलर्ट जारी किया था।

कुवैत में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। अल जज़ीरा के अनुसार, कुवैत में एहतियातन एयर-रेड सायरन सक्रिय किए गए।

कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एक ईरानी मिसाइल को पैट्रियट रक्षा प्रणाली द्वारा हवा में ही मार गिराया गया। कतर के अधिकारियों ने मोबाइल अलर्ट जारी कर नागरिकों को घरों के भीतर रहने और सैन्य ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है।

तेजी से फैलते इस संघर्ष ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ा दी है। कई अमेरिकी सहयोगी देशों और वहां स्थित सैन्य ठिकानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्रीय सरकारों ने संवेदनशील स्थलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों की आवाजाही पर आंशिक प्रतिबंध लगाए हैं। मौजूदा घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में बहुपक्षीय सैन्य टकराव की आशंका को गंभीर रूप से बढ़ा दिया है, जबकि हालात तेजी से बदल रहे हैं।

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