ईरान में प्रदर्शन हिंसक, अर्धसैनिक बल का सदस्य मारा गया

आर्थिक संकट से उपजे विरोध में राजनीतिक नारे तेज

ईरान में प्रदर्शन हिंसक, अर्धसैनिक बल का सदस्य मारा गया

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ईरान में जारी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शनिवार(3 जनवरी) को और अधिक हिंसक हो गए, जब पश्चिमी ईरान में एक प्रदर्शन के दौरान बसीज अर्धसैनिक बल के एक सदस्य की मौत हो गई। सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि आर्थिक असंतोष के रूप में शुरू हुआ यह आंदोलन अब खुले तौर पर राजनीतिक मांगों में तब्दील हो रहा है।

मेहर की रिपोर्ट के अनुसार, “अली अज़ीजी, बसीज के एक सदस्य, हरसिन शहर में सशस्त्र उपद्रवियों की एक सभा के दौरान चाकू मारे जाने और गोली लगने से मारे गए।” यह बयान ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के हवाले से जारी किया गया, जो बसीज बल की निगरानी करता है। सरकारी बयान में अज़ीजी को शहीद बताया गया है।

ईरान में प्रदर्शन सातवें दिन में प्रवेश कर चुके हैं। गुरुवार को देश के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं, जिनमें अब तक कम से कम सात लोगों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, मृतकों की संख्या और परिस्थितियों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

ये प्रदर्शन रविवार (28 दिसंबर) को शुरू हुए थे और 1 जनवरी को तब और तेज हो गए, जब दुकानदारों और व्यापारियों ने सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। ईरानी रियाल की डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक गिरावट और तेजी से बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की आजीविका पर गंभीर असर डाला है।

बीते कुछ दिनों में विरोध प्रदर्शन सिर्फ व्यापारियों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इसमें छात्र, महिलाओं के अधिकारों से जुड़े समूह और विभिन्न सामाजिक वर्ग भी शामिल हो गए हैं। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों को डेथ टू डिक्टेटर और महिला, जीवन, स्वतंत्रता जैसे नारे लगाते सुना गया, जो 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए आंदोलन की याद दिलाते हैं।

सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। आधिकारिक बयानों में हिंसा के लिए सशस्त्र उपद्रवियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि प्रदर्शनकारी आर्थिक बदहाली और राजनीतिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

इसी बीच, बढ़ते आर्थिक दबाव और विरोध के बीच ईरान सरकार ने केंद्रीय बैंक में बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान की कैबिनेट ने अब्दोलनासिर हेम्मती को ईरान के केंद्रीय बैंक का नया गवर्नर नियुक्त किया है। सरकारी समाचार एजेंसी इरना (IRNA) के अनुसार, उन्होंने मोहम्मद रज़ा फ़रज़िन की जगह ली है, जिन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया था।

फ़रज़िन का इस्तीफा 2022 के महसा अमीनी आंदोलन के बाद से देखे गए सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक के बीच आया है। विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक में यह बदलाव सरकार की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसके जरिए वह गिरती मुद्रा और बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण पाने का संदेश देना चाहती है।

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