अमेरिका को भारी पड़ने लगा ईरान युद्ध : ईंधन कीमतों में उछाल, सप्लाई चेन पर दबाव

अमेरिका को भारी पड़ने लगा ईरान युद्ध : ईंधन कीमतों में उछाल, सप्लाई चेन पर दबाव

Iran war begins to weigh heavily on US: Fuel prices surge, supply chain pressure

डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा शुरू हुए ईरान युद्ध का असर अब सीधे अमेरिकी आम नागरिकों की जेब पर पड़ने लगा है। बढ़ती ईंधन कीमतों, महंगे डिलीवरी चार्ज और सप्लाई चेन में व्यवधान ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है।

हाल के दिनों में अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। 3 अप्रैल को पेट्रोल की औसत कीमत $4.09 प्रति गैलन तक पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में एक डॉलर से अधिक है। यह अगस्त 2022 के बाद का सबसे उच्च स्तर है। वहीं,अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, डीजल की कीमत एक साल पहले $3.64 प्रति गैलन थी, जो अब बढ़कर $5.33 हो गई है।

डीजल की कीमतों में यह बढ़ोतरी खास तौर पर कृषि, निर्माण और परिवहन जैसे क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है, क्योंकि इन क्षेत्रों में डीजल का व्यापक उपयोग होता है।

कंपनियां बढ़ा रहीं अतिरिक्त शुल्क:

बढ़ती लागत का असर अब कंपनियां उपभोक्ताओं पर डालने लगी हैं। ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने घोषणा की है कि 17 अप्रैल से वह अपने प्लेटफॉर्म पर थर्ड-पार्टी विक्रेताओं के लिए 3.5% फ्यूल सरचार्ज लागू करेगा। इसी तरह संयुक्त राज्य पोस्टल सर्विस ने पैकेज और एक्सप्रेस मेल डिलीवरी पर 8% अस्थायी सरचार्ज का प्रस्ताव दिया है। यह शुल्क 26 अप्रैल से लागू होकर 17 जनवरी 2027 तक जारी रह सकता है।

वैश्विक सप्लाई चेन पर असर

ईरान से जुड़े तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान ने वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां रुकावट का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एशिया में इसका असर सबसे पहले दिखने लगा है, जहां कई देशों ने ईंधन की खपत पर नियंत्रण के उपाय शुरू कर दिए हैं। यूरोप में भी अप्रैल के मध्य तक आपूर्ति संकट की आशंका जताई जा रही है।

चूंकि खाड़ी क्षेत्र से तेल अमेरिका पहुंचने में 35 से 45 दिन लगते हैं, इसलिए वहां इसका असर थोड़ी देरी से दिखाई देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल के अंत या मई तक अमेरिका में ईंधन की कीमतें और बढ़ सकती हैं, खासकर कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में जहां सप्लाई नेटवर्क अपेक्षाकृत सीमित है।

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