ईरान की ट्रंप को चेतावनी: किसी भी हमले को माना जाएगा ‘ऑल-आउट वॉर’

कहा - हर ताकत से देंगे जवाब

ईरान की ट्रंप को चेतावनी: किसी भी हमले को माना जाएगा ‘ऑल-आउट वॉर’

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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर तेहरान पर किसी भी तरह का सैन्य हमला किया गया, तो उसे “हमारे खिलाफ ऑल-आउट वॉर” माना जाएगा और जवाब बेहद कठोर होगा। इसी बीच ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी युद्धपोतों का एक “बड़ा बेड़ा” मध्य पूर्व की ओर रवाना हो चुका है।

दौरान वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अयातुल्ला खामेनेई के नेतृत्व वाला शासन अमेरिका की लगातार सैन्य धमकियों का सामना कर रहा है और ईरान के पास मौजूद “हर संसाधन” का इस्तेमाल जवाबी कार्रवाई के लिए किया जाएगा। अधिकारी के शब्दों में, “चाहे उसे सीमित कहा जाए, असीमित, सर्जिकल, काइनेटिक या कोई भी नाम दिया जाए इस बार हम किसी भी हमले को हमारे खिलाफ ऑल-आउट वॉर मानेंगे और इसे खत्म करने के लिए सबसे सख्त तरीके से जवाब देंगे।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कहा था कि अमेरिकी नौसेना का एक “आर्माडा” ईरान की ओर बढ़ रहा है। वहीं कुछ दिन पहले ही ट्रंप ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हो रही कार्रवाई को लेकर सैन्य हस्तक्षेप की धमकियों से पीछे हटते नजर आए थे। नए साल की शुरुआत से ईरान में चल रहे इन प्रदर्शनों में, कार्यकर्ता संगठनों के अनुसार, अब तक 5,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन और टॉमहॉक मिसाइलों से लैस तीन विध्वंसक जहाज मध्य पूर्व भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिकी वायुसेना ने भी एक दर्जन F-15E लड़ाकू विमान क्षेत्र में तैनात किए हैं। ईरानी अधिकारी ने कहा कि देश हाई अलर्ट पर है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई किस रूप में होगी।

पिछले हफ्ते की रिपोर्ट्स से ऐसा लग रहा था कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कुछ हद तक कम हुआ है। ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी धमकियों के कारण ईरान ने 800 से ज्यादा गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को फांसी देने से रोक दिया। लेकिन अब ट्रंप के दावोस दौरे से अमेरिका लौटते ही हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं।

ईरान की ओर से बयानबाजी भी तेज हो गई है। सशस्त्र बलों के एक प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अगर सुप्रीम लीडर के खिलाफ कोई कदम उठाया गया, तो “दुनिया को आग में झोंक दिया जाएगा।” वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर ने अमेरिका और इजरायल को चेताते हुए कहा है कि उनकी फोर्स “ट्रिगर पर उंगली” रखकर बैठी है।

कुल मिलाकर, दोनों देशों के बीच बढ़ता यह तनाव न सिर्फ मध्य पूर्व बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।

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