मध्य पूर्व में जारी युद्ध के दौरान इजरायली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने ईरान के अगले सर्वोच्च नेता को लेकर कड़ा बयान दिया है। बुधवार (4 मार्च)को उन्होंने चेतावनी दी है, कि ईरान जिस भी व्यक्ति को सर्वोच्च नेता नियुक्त करेगा, वह इजरायल द्वारा खात्मे के निशाने पर होगा।
काट्ज़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ईरानी आतंकी शासन द्वारा नियुक्त हर नेता, जो इज़राइल को नष्ट करने, संयुक्त राज्य अमेरिका और स्वतंत्र दुनिया और क्षेत्र के देशों को धमकी देने और ईरानी लोगों को दबाने की योजना को जारी रखने और नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया है, उसे खत्म करने का लक्ष्य बनाया जाएगा।”उनके इस बयान को क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सीधी धमकी के रूप में देखा जा रहा है।
כל מנהיג שימונה ע"י משטר הטרור האיראני כדי להמשיך ולהוביל את התוכנית להשמדת ישראל, לאיים על ארה"ב והעולם החופשי ומדינות האזור, ולדכא את העם האירני – יהיה יעד חד משמעי לחיסול.
לא חשוב מה שמו והמקום בו יסתתר.
רה"מ ואני הנחינו את צה"ל להיערך ולפעול בכל האמצעים למימוש המשימה כחלק…
— ישראל כ”ץ Israel Katz (@Israel_katz) March 4, 2026
बेरूत पर नए हमले:
इसी बीच इजरायल ने लेबनान की राजधानी बैरुत में ताज़ा हवाई हमले किए हैं। इज़राइली सेना के अनुसार ये हमले हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए। बुधवार (4 मार्च)सुबह से जारी इन हमलों में अब तक कम से कम छह लोगों के मारे जाने की खबर है। क्षेत्र में इज़राइल और ईरान समर्थित समूहों के बीच टकराव तेज होता जा रहा है, जिससे लेबनान की स्थिति भी अस्थिर बनी हुई है।
ईरान में नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ी:
अमेरिका स्थित अधिकार समूहमानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) ने दावा किया है कि 28 फरवरी से अब तक ईरान में 1,097 नागरिकों की मौत हो चुकी है। संगठन के अनुसार मृतकों में 10 वर्ष से कम आयु के 181 बच्चे शामिल हैं। HRANA के आंकड़ों हवाला देकर BBC ने बताया कि अब तक 5,402 नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें कम से कम 100 बच्चे शामिल हैं। पिछले 24 घंटों में ही कम से कम 104 हमले दर्ज किए गए है, जिनमें सैन्य ठिकानों के साथ-साथ मेडिकल सेंटर और रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। हालांकि, क्षेत्र में जारी लगातार हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण मानवीय संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि इजरायल के रक्षा मंत्री का बयान संघर्ष को और हवा दे सकता है। अली खामनेई के निधन की घोषणा के तीन दिन बाद इस्लामी गणराज्य के उलेमाओं ने बैठक कर नए सर्वोच्च नेता के रूप में उनके दूसरे पुत्र मोजतबा ख़ामनेई को चुना है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है और कुछ धर्मगुरुओं ने आशंका जताई है कि यह निर्णय उन्हें अमेरिका और इज़राइल के निशाने पर ला सकता है।
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