मध्य पूर्व में जारी व्यापक सैन्य टकराव के बीच अमेरिका ने दावा किया है कि उसने तेहरान स्थित ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के मुख्यालय को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। अमेरिकी सेना ने इस कार्रवाई कहा की “सांप का सिर काट दिया गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा,”ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पिछले 47 सालों में 1,000 से ज़्यादा अमेरिकियों को मार डाला। कल, एक बड़े US हमले ने सांप का सिर काट दिया।” सेंटकॉम का दावा है कि यह हमला व्यापक सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत तेहरान सहित कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
US सेंट्रल कमांड ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें एक फ्रिगेट से दागी गई मिसाइल को आईआरजीसी मुख्यालय की इमारतों को एक बड़े हमले में ध्वस्त करते हुए दिखाया गया है। अमेरिकी सेना ने कहा, “अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, और IRGC का अब कोई हेडक्वार्टर नहीं है।”
IRGC को 1979 की इस्लामी दंगो और कब्जे के बाद स्थापित किया गया था। ईरान की सशस्त्र सेनाओं की यह एक विशिष्ट शाखा थी। यह सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता के अधीन कार्य करती रही है। अमेरिका के अनुसार, उसके अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत शनिवार (28 फरवरी)से अब तक 1,000 से अधिक ईरानी लक्ष्यों पर हमले किए गए हैं।
The Iranian Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) killed more than 1,000 Americans over the past 47 years. Yesterday, a large-scale U.S. strike cut off the head of the snake. America has the most powerful military on earth, and the IRGC no longer has a headquarters. pic.twitter.com/WdpN7JBECr
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 1, 2026
अमेरिकी दावे के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई सहित शीर्ष नेतृत्व मारा गया है तथा सैन्य और प्रशासनिक ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। लक्ष्यों में IRGC ज्वाइंट हेडक्वार्टर, एयरोस्पेस फोर्स मुख्यालय, एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली, बैलिस्टिक मिसाइल ठिकाने, नौसैनिक पोत, पनडुब्बियां और सैन्य संचार अवसंरचना शामिल बताए गए हैं।
लेबनान के उग्रवादी संगठन हेज़बोल्लाह ने इजराइल पर हमलों की जिम्मेदारी ली, जिसके जवाब में इजराइल ने हवाई हमले किए। इजराइली बचाव सेवाओं के अनुसार, यरूशलम और बीट शेमेश स्थित एक सिनेगॉग पर मिसाइल हमलों में नौ लोगों की मौत हुई और 28 घायल हुए। कुल मृतकों की संख्या 11 बताई गई है, जबकि 11 लोग अब भी लापता हैं।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर मिसाइलें दागीं, जिनमें तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है।
कई यूरोपीय देशों ने अमेरिकी बलों को समर्थन देने की पेशकश की है, जबकि खाड़ी देशों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया तो वे भी जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।
हालांकि अमेरिका और इजराइल की ओर से हमले जारी हैं, ईरान ने बदला लेने की कसम खाई है। क्षेत्र में पूर्ण पैमाने का सैन्य संघर्ष जारी है और हालात के जल्द सामान्य होने के संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
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