इज़रायल ने दावा किया है कि उसने रविवार (1 फरवरी) को दक्षिणी लेबनान में ड्रोन हमले में हिज्बुल्लाह के एक वरिष्ठ तकनीकी कमांडर अली दाऊद अमिच को मार गिराया। इज़रायली सेना (IDF) के मुताबिक, अमिच हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में एक शाखा का प्रमुख था और संगठन के सैन्य बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने में अहम भूमिका निभा रहा था। इज़रायल की ओर से उसे मिस्टर साइंटिस्ट के तौर पर भी संदर्भित किया गया है, जो हिज्बुल्लाह की तकनीकी और इंजीनियरिंग क्षमताओं से जुड़े नेटवर्क में उसकी भूमिका की ओर इशारा करता है।
IDF के अनुसार, अमिच दक्षिणी लेबनान के अल-द्विर क्षेत्र में सक्रिय था और इज़रायली बलों के खिलाफ हमलों को आगे बढ़ाने की साजिशों में शामिल था। इज़रायली सुरक्षा बलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए कहा, “एलिमिनेट कर दिया: अली दाऊद अमिच, जो हिज्बुल्लाह के इंजीनियरिंग विभाग में ब्रांच के प्रमुख के रूप में काम करता था। अली दक्षिणी लेबनान के अल-द्विर क्षेत्र में हिज्बुल्लाह के आतंकी बुनियादी ढांचे को फिर से स्थापित करने और IDF सैनिकों के खिलाफ आतंकवादी हमलों को आगे बढ़ाने के प्रयासों में शामिल था। यह इजरायल और लेबनान के बीच की अंडरस्टैंडिंग का उल्लंघन है।”
🔴 ELIMINATED: Ali Dawoud Amich, who served as a head of division in Hezbollah's engineering department.
Ali was involved in attempts to rehabilitate Hezbollah's terror infrastructure in the Al-Dweir area in southern Lebanon and advanced terror attacks against IDF troops,…
— Israel Defense Forces (@IDF) February 1, 2026
इज़रायली दावे के मुताबिक, यह कार्रवाई इज़रायल–लेबनान के बीच समझौते और युद्धविराम व्यवस्थाओं के उल्लंघन के संदर्भ में की गई। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता से इज़रायल और लेबनान के बीच संघर्षविराम (सीज़फायर) समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत अपेक्षा जताई गई थी कि लेबनानी सेना हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
सीज़फायर समझौते में यह भी उल्लेख था कि हिज्बुल्लाह जैसे गैर-राज्य सशस्त्र समूहों को हथियारों से मुक्त किया जाना आवश्यक है। इसी क्रम में लेबनानी सेना ने सभी नॉन-स्टेट समूहों को निरस्त्र करने के लिए बहु-चरणीय योजना की घोषणा की थी और उसके पहले चरण को पूरा करने के लिए 2025 के अंत तक की समय-सीमा स्वयं तय की थी। इज़रायल का आरोप है कि इसके बावजूद हिज्बुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में अपने ढांचे को दोबारा खड़ा करने की कोशिशें जारी रखीं।
अली दाऊद अमिच को निशाना बनाना इज़रायल के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि IDF के अनुसार वह न केवल इंजीनियरिंग संचालन का नेतृत्व कर रहा था, बल्कि हथियार प्रणालियों और सैन्य ठिकानों के पुनर्निर्माण से जुड़े प्रयासों में भी शामिल था। हालांकि, लेबनान या हिज्बुल्लाह की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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