पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जारी असुरक्षा एक बार फिर सामने आई है, जहां क्वेटा से पेशावर जा रही जाफ़र एक्सप्रेस पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया। यह घटना रविवार (16 नवंबर) को नसीराबाद ज़िले के शाहिद अब्दुल अज़ीज़ बुल्लो क्षेत्र में हुई, जहां रेलवे ट्रैक पर बम लगाया गया था।
जानकारी के मुताबिक, धमाका ठीक उस समय हुआ जब ट्रेन वहां से गुजर चुकी थी, जिसके कारण किसी यात्री या कर्मचारी को कोई चोट नहीं आई। विस्फोट से रेलवे लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, जिसके चलते क्वेटा और पाकिस्तान के अन्य हिस्सों के बीच रेल सेवाएं कुछ समय के लिए रोकनी पड़ीं।
स्थानीय मीडिया ने बताया कि धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा स्थितियों के कारण रेल सेवाएं पिछले चार दिनों से निलंबित थीं, और 16 नवंबर को संचालन फिर से शुरू होते ही उसी दिन जाफ़र एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया।
यह पहली बार नहीं है जब जाफ़र एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया है। इसी साल मार्च में बलूचिस्तान की आज़ादी की मांग करने वाले संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस ट्रेन को हाईजैक कर लिया था। उस समय ट्रेन में लगभग 400 यात्री सवार थे।
नौ कोच वाली यह ट्रेन क्वेटा से पेशावर जा रही थी जब बलूच लड़ाकों ने उस पर हमला किया। इस भीषण हमले में कम से कम 64 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें छुट्टी पर घर लौट रहे पाकिस्तानी सेना के जवान भी शामिल थे।
बलूचिस्तान में रेल सेवाओं पर इस तरह के लगातार हमले पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। जाफ़र एक्सप्रेस पर बार-बार होने वाले हमले यह संकेत देते हैं कि क्षेत्र में विद्रोही संगठनों की सक्रियता और प्रभाव अब भी बेहद मजबूत है। जांच एजेंसियां हमलावरों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन बार-बार दोहराए जा रहे ऐसे हमलों ने पाकिस्तान के लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती खड़ी कर दी है।
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