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ट्रंप-मोदी संबंधों पर बोले पूर्व अमेरिकी NSA जॉन बोल्टन, कहा- “अब वह रिश्ता खत्म हो गया”

"ट्रंप अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को नेताओं के साथ अपनी निजी समीकरण की नजर से देखते हैं।"

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने चेतावनी दी है कि दुनिया के किसी भी नेता का डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यक्तिगत रिश्ता उन्हें मुश्किलों से नहीं बचा सकता। उन्होंने कहा कि ट्रंप का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जो कभी अच्छा व्यक्तिगत संबंध था, अब वह अतीत की बात हो चुकी है।

ब्रिटिश मीडिया पोर्टल LBC को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने कहा, “ट्रंप का व्यक्तिगत रिश्ता मोदी के साथ अच्छा था, लेकिन अब वह खत्म हो गया है। यह सभी नेताओं के लिए सबक है, जैसे कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर के लिए भी, कि अच्छा व्यक्तिगत रिश्ता कभी-कभी मददगार हो सकता है, लेकिन यह आपको सबसे बुरे हालात से नहीं बचा सकता।”

बोल्टन के बयान ऐसे समय में आए हैं जब हाल के महीनों में भारत-अमेरिका संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। ट्रंप ने भारतीय आयात पर 50% टैरिफ लगा दिया है और व्हाइट हाउस के सलाहकार पीटर नवारो ने भी नई दिल्ली की रूस और मॉस्को से ऊर्जा व रक्षा संबंधों को लेकर निशाना साधा है। ट्रंप ने इसे रूस और पुतिन की युद्ध नीतियों के खिलाफ क्रैकडाउन बताया।

बोल्टन ने कहा, “ट्रंप अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को नेताओं के साथ अपनी निजी समीकरण की नजर से देखते हैं। अगर उनका रिश्ता व्लादिमीर पुतिन से अच्छा है, तो वह मान लेते हैं कि अमेरिका का भी रूस के साथ अच्छा रिश्ता है। लेकिन असलियत इससे अलग है।”

बोल्टन ने कहा कि ट्रंप के हालिया कदमों ने भारत को रूस और चीन की ओर और नजदीक धकेल दिया है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर उन्होंने लिखा कि व्हाइट हाउस ने भारत-अमेरिका संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया है और बीजिंग अब खुद को वॉशिंगटन के विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी प्रशासन के इन फैसलों ने वर्षों से दोनों देशों के बीच बनी द्विदलीय कोशिशों को उलट दिया है, जिनका मकसद भारत को शीत युद्ध कालीन मॉस्को से दूरी बनाने और चीन को मुख्य सुरक्षा खतरे के रूप में देखने के लिए प्रेरित करना था। बोल्टन के अनुसार, यह स्थिति दोबारा सुधारी जा सकती है, लेकिन फिलहाल यह बहुत खराब समय है।

बोल्टन की चेतावनी ऐसे वक्त आई है जब हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में बिना नाम लिए कहा था कि “भारत से कभी किसी विश्व नेता ने ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए नहीं कहा।” यह बयान ट्रंप के उस दावे का खंडन था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मई में भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने में उनकी भूमिका रही। इसके अगले ही दिन ट्रंप ने भारत पर 25% का नया टैरिफ लगाया और फिर रूस से तेल खरीद जारी रखने के कारण और 25% लेवी जोड़ दी।

गौरतलब है कि जॉन बोल्टन के मैरीलैंड स्थित आवास और वॉशिंगटन ऑफिस पर हाल ही में एफबीआई ने छापे मारे हैं। उन पर वर्गीकृत दस्तावेजों के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर जांच चल रही है। बोल्टन का यह बयान भारत-अमेरिका रिश्तों पर गहराते तनाव और वैश्विक राजनीति में बदलते समीकरणों को उजागर करता है।

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