26.3 C
Mumbai
Saturday, March 7, 2026
होमक्राईमनामाकिडनी खरीदी बिक्री के रैकेट का भांडाफोड़, डॉक्टर सहित गिरोह पुलिस कि...

किडनी खरीदी बिक्री के रैकेट का भांडाफोड़, डॉक्टर सहित गिरोह पुलिस कि गिरफ्त में; बांग्लादेश कनेक्शन उजागर !

बांग्लादेशीय रैकेट के लोग डायलिसिस सेंटर में जाकर अमीर व जरूरतमंद किडनी पेशेंट को ढूंढते थे, इनके साथ फिर 25 से 30 लाख के बीच सौदा होता था...

Google News Follow

Related

दिल्ली पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय किडनी रैकेट का भांडाफोड़ करते हुए अपोलो हॉस्पिटल से जुडी महीला डॉक्टर सहित 7 लोगों के गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है की इसके तार बांग्लादेश से जुड़े है और बांग्लादेश हाईकमीशन के कुछ लोग भी इसमें सम्मिलित है।

दिल्ली पुलिस का इस मामले में कहना है कि रैकेट के काम का दायरा राजस्थान से दिल्ली के बीच था। सबसे पहले राजस्थान पुलिस ने अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच हरकत में आयी। मामले में जांच पड़ताल के बाद इसमें दिल्ली के बड़े अस्पताल की 50 वर्षीय महिला डॉक्टर भी ऐसे अवैध किडनी ट्रांसप्लांट्स को नोएडा में अंजाम देती है ऐसा खुलासा हुआ। अब तक दिल्ली की महिला डॉक्टर ने ऐसे 15 से 16 ऑपरेशन किए होने की बात सामने आयी है।

अपोलो हॉस्पिटल ने अधिकारीक बयान में कहा है, 50 वर्षीय डॉक्टर अपोलो अस्पताल के पेरोल पर न होकर फ़ीस पर विजिट के आधार पर नियुक्त हुई थीं, किडनी रैकेट के मामले में सम्मिलित होने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद उसे तत्काल प्रभाव से हटाया गया है। साथ ही पुलिस के प्राथमिक जांच में ऐसे किसी भी ऑपरेशन को दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल नहीं किया गया यह बात भी सामने आई है।

दरअसल यह गिरोह बांग्लादेश से जुड़ा था, जिसमें बांग्लादेशीय रैकेट के लोग डायलिसिस सेंटर में जाकर अमीर व जरूरतमंद किडनी पेशेंट को ढूंढते थे, इनके साथ फिर 25 से 30 लाख के बीच सौदा होता था। इसके बाद इस गिरोह के लोग गरीब बांग्लादेशियों को बहला-फुसला कर, रूपये और नौकरी का लालच देकर किड़नी ट्रांसप्लांट के लिए मना लेते थे। कुछ के साथ तो धोखाधड़ी से किडनी निकलवाने का मामला भी सामने आया है। गरीब बांग्लादेशियों को झांसा देकर भारत लाया जाता था, उन्हें मरीजों का रिश्तेदार बताकर नकली दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते थे। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद इन्हें मात्र 4 -5 लाख रुपए दिए जाते थे।

बताया जा रहा है कि इस गिरोह से सम्मिलित डॉक्टर के प्राइवेट सेक्रेटरी के अकाउंट में पैसे जमा किए जाते थे, जिसके बाद उनके अकाउंट से कैश करवा लिया करती।

यह भी पढ़े-

चाइना की नई रडार तकनीक; एक साथ बीस मिसाइल को करेगी डिटेक्ट !

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,045फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
297,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें