लोकसभा ने पेपर चीटिंग से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ़ मैलप्रैक्टिस) अमेंडमेंट बिल, 2026’ को वॉइस वोट से पास कर दिया। इस बिल पर कल (28 जुलाई) नौ घंटे तक चर्चा हुई। आज (27 जुलाई) राहुल गांधी ने विपक्षी पार्टियों की तरफ से 50 मिनट तक बात की। विपक्षी पार्टियों के हंगामे के बीच यह बिल पास हो गया। इससे पेपर चीटिंग से जुड़े कानून और सख्त हो गए हैं। अब पेपर चीटिंग के लिए ज़्यादा से ज़्यादा 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
इस बीच, राज्यसभा ने भी ‘प्रिवेंशन ऑफ़ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ पास कर दिया। ‘जन गण मन’ की तरह अब ‘वंदे मातरम’ को भी कानूनी सुरक्षा मिलेगी। ‘वंदे मातरम’ का अपमान करना, उसका अपमान करना या गाने में रुकावट डालना सज़ा का हक़ होगा।
पेपर टैंपरिंग से जुड़ा अमेंडमेंट बिल लोकसभा में पास हुआ
दूसरी तरफ, विपक्षी पार्टियों के हंगामे के बीच पेपर टैंपरिंग से जुड़ा अमेंडमेंट बिल लोकसभा में पास हो गया। राज्यसभा ने वह बिल पास कर दिया जो वंदे मातरम का अपमान करने को सज़ा देने वाला अपराध बनाता है। इस कानून में वंदे मातरम का अपमान करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
जांच के लिए दो महीने की समय सीमा
इस अमेंडमेंट बिल के मुताबिक, पेपर टैंपरिंग से जुड़े किसी भी मामले की जांच दो महीने के अंदर पूरी करना ज़रूरी होगा। इससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया को सालों तक खींचने के बजाय एक तय समय सीमा में पूरा करने की कोशिश की जाएगी।
सजा दोगुनी; 10 साल तक की जेल
2024 के एक्ट के मुताबिक, पेपर टैंपरिंग या दूसरे गलत तरीकों का इस्तेमाल करने वालों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा पांच साल की जेल का प्रावधान था। नए अमेंडमेंट के साथ, यह सजा बढ़ाकर ज़्यादा से ज़्यादा 10 साल कर दी गई है। दोषी पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है।
