ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। पिछले 24 घंटों में दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराए जाने और एक पायलट के लापता होने की खबरों ने युद्ध को और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंचा दिया है। करीब पांच हफ्तों से जारी इस युद्ध में पहली बार अमेरिकी विमानों के गिराए जाने की पुष्टि हुई है, जिसने अमेरिका की हवाई बढ़त के दावों पर सवाल छोड़ दिए हैं।
अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, एक एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान को ईरान के अंदर मार गिराया गया। इस विमान में सवार दो क्रू में से एक को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दूसरा पायलट अब भी ईरान के भीतर लापता है। उसकी तलाश के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन भी खतरे में पड़ गए हैं।
इसी दौरान, रेस्क्यू मिशन पर भेजे गए दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों पर भी ईरानी फायरिंग हुई। हालांकि दोनों हेलीकॉप्टर किसी तरह ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन क्रू मेंबर के घायल होने की खबरें हैं।
एक अन्य घटना में, ए-10 वॉर्थोग अटैक एयरक्राफ्ट को भी निशाना बनाया गया, जो कुवैत के ऊपर क्रैश हो गया। पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली और बाद में उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके अलावा, एक एफ-16 को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी, जबकि एक से दो केसी-135 रीफ्यूलिंग टैंकरों ने भी आपात स्थिति घोषित की।
इन घटनाओं ने संकेत दिया है कि ईरान और खाड़ी क्षेत्र के ऊपर का हवाई क्षेत्र अब बेहद खतरनाक युद्ध क्षेत्र बन चुका है, जहां अमेरिकी विमानों को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
Another enemy F-35 hit and downed by our #indigenous defence systems.
Iran is a force to be reckoned with.#Iran#F35#War pic.twitter.com/q1DhkTXrm3
— Consulate General of the I.R. Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) April 3, 2026
लापता अमेरिकी पायलट की तलाश में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इस्लामी रिजीम ने ईरान के नागरिकों से पायलट की सूचना देने या उसे जिंदा या मुर्दा पकड़ने की अपील की है और इसके लिए इनाम की घोषणा भी की गई है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस में लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने इन घटनाओं के असर को कम बताते हुए कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। यह युद्ध है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं ने अमेरिका के उस दावे को कमजोर कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ईरान के हवाई क्षेत्र पर उसका पूर्ण नियंत्रण है। कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने कहा था कि “हमारे विमान तेहरान के ऊपर उड़ रहे हैं, वे कुछ नहीं कर सकते।”
दरअसल इस युद्ध की शुरुवात 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमलों से हुई थी, जिसमें ईरान की इस्लामी रिजीम के सर्वोच्च नेता की मौत हो गई थी। तब से अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।
युद्ध अब पूरे मध्य-पूर्व में फैल चुका है। ईरान द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए इजरायल और अमेरिका समर्थित खाड़ी देशों को निशाना बनाया जा रहा है। कुवैत में ऊर्जा ढांचे पर हमलों के बाद वैश्विक तेल बाजार में भी उथल-पुथल देखी जा रही है।
यह भी पढ़ें:
सुबह के नाश्ते में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, सेहत पर डालती हैं बुरा असर
40 की उम्र में भी खुद को रखना है जवां और निरोगी, फॉलो करने होंगे आसान स्टेप्स
बहन से छेड़छाड़ करने वाले अब्दुल और उसके दो साथियों पर चलाई गोलियां!
एकाग्रता बढ़ाने और तनाव घटाने के लिए रामबाण है शांभवी मुद्रा
