भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ। वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की सतर्कता के चलते बाजार में व्यापक बिकवाली देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 961.42 अंक यानी 1.17 प्रतिशत टूटकर 81,287.19 अंक पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 317.90 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,178.65 अंक पर बंद हुआ।
दिनभर के कारोबार में आईटी, बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला, जिससे बेंचमार्क सूचकांकों पर असर पड़ा। बाजार की शुरुआत कमजोर रही और दोपहर बाद बिकवाली तेज हो गई। निवेशकों ने जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई, जिससे प्रमुख शेयरों में गिरावट गहराती चली गई।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर हाल ही में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता का बेनतीजा रहना बाजार की चिंता बढ़ाने वाला है। इससे पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष और संभावित अमेरिकी कार्रवाई की आशंका को बल मिला है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की अगली रणनीति को लेकर अनिश्चितता और घरेलू स्तर पर नए सकारात्मक संकेतकों की कमी के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। आने वाले सप्ताह में वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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