गंभीर रूप से बीमार खालिदा जिया के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सद्भाव की BNP ने की सरहाना

गंभीर रूप से बीमार खालिदा जिया के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सद्भाव की BNP ने की सरहाना

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और BNP की चेयरपर्सन बेगम खालिदा ज़िया की गंभीर स्थिति को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त की गई चिंता और सहायता की पेशकश को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने गहरी सराहना के साथ स्वीकार किया है। पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी को सच्चे सद्भाव का परिचय देने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह कदम मानवीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है और दोनों पड़ोसी देशों के बीच सकारात्मक भावना को दर्शाता है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, कि वह बेगम ज़िया की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर  उन्हें गहरी चिंता हो रही  हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, भारत उनके इलाज के लिए हर संभव मदद प्रदान करने के लिए तैयार है, जिसमें उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना भी शामिल है। मोदी की यह सार्वजनिक पेशकश राजनीतिक रूप से जटिल संबंधों के बीच मानवीय सद्भाव का एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।+

बीएनपी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह इस कदम की सराहना करती है और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिखाई गई तत्परता दोनों देशों के बीच मानवीय रिश्तों को नई दिशा देती है। यह टिप्पणी इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि ढाका की राजनीति में भारत और बीएनपी के रिश्ते अक्सर उतार–चढ़ाव का सामना करते रहे हैं।

अस्सी वर्षीय बेगम खालिदा ज़िया इस समय ढाका के एवेरकेयर अस्पताल में वेंटिलेशन पर हैं। उन्हें गंभीर फेफड़ों के संक्रमण के साथ-साथ हृदय रोग, मधुमेह और लिवर सिरोसिस जैसी पुरानी बीमारियाँ हैं। BNP के महासचिव मिर्ज़ा फ़ख़रुल इस्लाम आलमगीर ने उन्हें बेहद गंभीर स्थिति में होने की पुष्टि की है।

खालिदा ज़िया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं है। बांग्लादेश की राजनीति में दशकों तक केंद्रीय भूमिका निभाती रही हैं। उन्होंने 1991 से 1996 और 2001 से 2006 तक दो कार्यकालों में प्रधानमंत्री पद संभाला। आज भी वह प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानी जाती हैं। उनकी बिगड़ती हालत को लेकर चिंता केवल भारत तक सीमित नहीं है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी हालात की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए एक वरिष्ठ सलाहकार को अस्पताल भेजा, जिसने मौके पर उनकी स्थिति का जायज़ा लिया। बेगम खालिदा ज़िया की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है और दक्षिण एशियाई राजनीति के इस महत्वपूर्ण क्षण में भारत की ओर से दिखाई गई संवेदनशीलता को कई पर्यवेक्षक एक सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।

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