पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। बुधवार को उनकी पार्टी इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के हजारों समर्थकों ने अटॉक ब्रिज पर कब्जा कर पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा के बीच मुख्य संपर्क मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और सैकड़ों वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे।
यह ताजा विरोध प्रदर्शन उस रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक वकील ने दावा किया कि 73 वर्षीय इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी घटकर लगभग 15 प्रतिशत रह गई है। इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। रिपोर्ट के सामने आने के बाद उनके परिवार ने तत्काल विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस बीच, इस्लामाबाद में संसद भवन के पास भी विपक्षी गठबंधन तहरीक-ए-तहफ्फुज-ए-आइन पाकिस्तान के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि इमरान खान को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में स्थानांतरित कर विशेषज्ञ इलाज मुहैया कराया जाए।
इमरान खान की बहनें उजमा खान और अलीमा खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इमरान को जेल में अकल्पनीय प्रताड़ना दी जा रही है और उनकी जान को खतरा है। उजमा खान ने कहा कि यदि इमरान या परिवार के किसी सदस्य को नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
उज़मा ने चेतावनी देते हुए बताया है की, “मोहसिन नक़वी हमें धमका रहा है; उन्होंने खून का स्वाद चख लिया है। अगर इमरान खान या हमें कुछ भी हुआ, तो मेरी बात याद रखना, हम आने वाली पीढ़ियों को भी नहीं बख्शेंग।”
दूसरी ओर, सरकार द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड ने सोमवार को दावा किया कि इमरान खान की आंखों की स्थिति में “महत्वपूर्ण सुधार” हुआ है। बोर्ड के डॉक्टरों के अनुसार, इमरान अब पहले की तुलना में बेहतर देख पा रहे हैं। हालांकि, उनके परिवार ने इस दावे को खारिज कर दिया है और पारदर्शी चिकित्सा जांच की मांग दोहराई है।
इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया सामने आई है। 1992 विश्व कप विजेता कप्तान रहे इमरान के समर्थन में कुछ पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने पाकिस्तान सरकार से उन्हें पर्याप्त और तत्काल चिकित्सा सुविधा देने की अपील की है।
गौरतलब है कि पिछले दो महीनों में यह दूसरी बार है जब इमरान खान की सेहत को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन भड़के हैं। ऐसे में पाकिस्तान की राजनीति में तनाव और अनिश्चितता का माहौल और गहरा होता दिखाई दे रहा है।
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