रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई रक्षा अधिकरण परिषद की बैठक में नेवी के लिए 6 अतिरिक्त पी-8आई के एओएन यानी एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि पी-8आई विमानों की खरीद से नौसेना की लंबी दूरी की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता, समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
यह खरीद अमेरिका से की जाएगी। भारतीय नौसेना में पी-8आई पहले से ही शामिल है। भारतीय नौसेना के लिए सरकार ने अमेरिका से अब तक कुल 12 पी-8आई विमान खरीदे हैं। पहले चरण में साल 2009 में 8 और दूसरे चरण में साल 2016 में 4 पी-8आई विमान लिए गए।
पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान जारी साझा बयान में कहा गया था कि ‘भारत की समुद्री निगरानी क्षमता को बढ़ाने के लिए 6 अतिरिक्त पी-8आई लांग रेंज मेरिटाइम रेकॉनेन्स विमान की खरीद का काम जल्द ही पूरा होगा, जिसके लिए बिक्री की शर्तों पर सहमति हो चुकी है।
पी-8आई विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 41000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए समुद्र की गहराई में छुपी सबमरीन को ढूंढ सकता है और उन्हें निशाना भी बना सकता है। एक बार में यह 8300 किलोमीटर तक की उड़ान भर सकता है। इसमें 11 हार्ड पॉइंट लगे हैं, 5 इंटरनल और 6 बाहर विंग पर।
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