नेपाल से एक बहुत बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। नेपाल में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिला है, और अचानक और भयंकर बाढ़ से पूरा इलाका तबाह हो गया है। गोरखा जिले के उत्तरी हिस्से में बहने वाली बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से नदी किनारे की कई बस्तियां डूब गई हैं। इस अचानक आई बाढ़ से स्थानीय लोगों और टूरिस्ट में बहुत डर फैल गया है और कई लोगों को सुरक्षित जगहों पर पनाह लेनी पड़ी है।
Terrifying scenes in Nepal as flash floods strike once again!! ⚠️🙏
DEVASTATING FLOOD SWEEPS AWAY SALLERI BAZAAR IN NEPAL
Nepal’s Budhi Gandaki River has unleashed a devastating flood in Salleri Bazaar, Gorkha, with a landslide suspected of blocking the river before triggering a sudden surge of water.
⚠️ Authorities have issued an urgent warning to stay away from the river up to Trishuli Dobhan and move to higher ground as the danger continues https://t.co/OuiVKHOrPm
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) October 11, 2026
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने तुरंत सख्त चेतावनी जारी की है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि, जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह से कम नहीं हो जाता, तब तक कोई भी त्रिशूली डोभान तक नदी किनारे के इलाके में न जाए और जितनी जल्दी हो सके ऊंची और सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का कैंप और घर बह गए
गोरखा के चीफ डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर धर्मेंद्र कुमार मिश्रा की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, जो राहत की बात है। हालांकि, चीन बॉर्डर के पास चुमनुबरी और धारचे ग्रामीण नगर पालिका इलाकों में बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ है। जगत और सलेरी गांवों में कई घर, एक सस्पेंशन ब्रिज, एक ज़रूरी स्टील ब्रिज और 341 MW बूढ़ी गंडकी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का कंस्ट्रक्शन कैंप बाढ़ के पानी के तेज़ बहाव में बह गए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात में अचानक पानी की आवाज़ सुनकर लोग अपनी जान बचाने के लिए भागे। बाढ़ की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि कुछ ही सेकंड में सब कुछ तबाह हो गया। लोकपा और चुमालिंग के बीच एक बड़े लैंडस्लाइड ने बूढ़ी गंडकी नदी की एक सहायक नदी ‘सियार खोला’ का बहाव कुछ समय के लिए रोक दिया होगा, और फिर एक साथ पानी का एक बड़ा बहाव छोड़ा गया, जिससे माना जा रहा है कि यह अफ़रा-तफ़री शुरू हुई।
भोटे कोशी आपदा की यादें ताज़ा, सेना का बचाव अभियान शुरू
इस ताज़ा घटना ने कुछ महीने पहले रसुवा और त्रिशूली नदी इलाकों में आई भयानक बाढ़ और लैंडस्लाइड की डरावनी यादें ताज़ा कर दी हैं। उस पिछली आपदा में हज़ारों लोग प्रभावित हुए थे, इसलिए इस साल प्रशासन ज़्यादा अलर्ट हो गया है।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, नेपाल सरकार ने तुरंत कदम उठाए हैं। लैंडस्लाइड और बाढ़ से कटे दूरदराज के इलाकों से लोगों को निकालने के लिए नेपाल सेना के हेलीकॉप्टर हवाई रास्ते से भेजे गए हैं। कुछ नागरिकों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित एयरलिफ्ट किया गया है, और मदद के लिए काठमांडू से एक खास रैपिड रिस्पॉन्स टीम (JRT) भेजी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अलर्ट रहें और अफवाहों पर विश्वास न करें और इमरजेंसी मदद के लिए प्रशासन के संपर्क में रहें।
यह भी पढ़ें-
