नेपाल: ज्ञानेंद्र शाह पर गणतंत्र विरोध के आरोप, होंगे गिरफ्तार !

शुक्रवार को काठमांडू में हुए हिंसक झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई और कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। ये लोग नेपाल में समाप्त हो चुकी राजशाही की बहाली की मांग कर रहे थे।

नेपाल: ज्ञानेंद्र शाह पर गणतंत्र विरोध के आरोप, होंगे गिरफ्तार !

Nepal: Former King Gyanendra Shah accused of anti-republic activities, political parties appeal for unity!

नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह के समर्थकों द्वारा हाल ही में किए गए प्रदर्शनों के बाद, देश की प्रमुख गणतंत्र समर्थक राजनीतिक पार्टियों ने उन पर संविधान विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसमें नेपाल की संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य प्रणाली की रक्षा के लिए सभी दलों से एकजुट होने का आग्रह किया गया।

गृह मंत्री रमेश लेखक ने बैठक के बाद कहा कि सरकार संविधान की सुरक्षा और राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा, “किसी भी तरह की असंवैधानिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल समाजवादी पार्टी (एनएसपी) के अध्यक्ष बाबूराम भट्टराई ने कहा कि ज्ञानेंद्र शाह का हालिया व्यवहार देश के गणतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि 28 मार्च को काठमांडू में हुए विरोध प्रदर्शनों में शाह के समर्थकों की भूमिका थी, जिससे हिंसा भड़की।

इस बीच, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) को इस बैठक से बाहर रखा गया, क्योंकि इन दलों को पारंपरिक रूप से राजशाही समर्थक माना जाता है।

शुक्रवार को काठमांडू में हुए हिंसक झड़पों में दो लोगों की मौत हो गई और कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। ये लोग नेपाल में समाप्त हो चुकी राजशाही की बहाली की मांग कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार नेपाल में हालात पर सरकार की नजर बनी हुई है, और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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