गाजा को नक्शे से मिटाने ख्वाब रखने वाले नेतन्याहू को क्यों बदलना पड़ा रुख?

इजरायल के खिलाफ लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव, वैश्विक निंदा और फिलिस्तीनी नागरिकों की स्थिति को देखकर पीएम नेतन्याहू के तेवर नरम पड़ते नजर आ रहे हैं।

गाजा को नक्शे से मिटाने ख्वाब रखने वाले नेतन्याहू को क्यों बदलना पड़ा रुख?

'I spoke to my friend Modi'

गाजा में दो साल से जारी संघर्ष पर अब जल्द ही विराम लग सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर के लिए एक योजना तैयार की है, जिसे इजरायल समेत कई देशों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, हमास की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा को नक्शे से मिटा देने की धमकी दी थी। उस समय उन्होंने कहा था कि यदि हमास गाजा नहीं छोड़ता है, तो इजरायल पूरी ताकत से कार्रवाई करेगा। लेकिन अब नेतन्याहू सीजफायर की बात कर रहे हैं।

नेतन्याहू के रुख में यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय दबाव और वैश्विक आलोचना के कारण आया है। गाजा में इजरायल के हमलों को लेकर व्यापक निंदा हो रही है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में इजरायल की आलोचना 170 बार की गई। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 से जारी युद्ध में अब तक 66,005 लोग मारे जा चुके हैं और 1,68,162 घायल हुए हैं। तस्वीरों में बच्चों और बुजुर्गों की पीड़ा भी स्पष्ट नजर आ रही है।

संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा कि इजरायल की वैश्विक छवि खराब हो रही है। यूएनजीए में फिलिस्तीन को अलग देश बनाने के पक्ष में भारत समेत कई देशों ने मतदान किया। ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों ने कतर पर इजरायल के हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

विदेश मंत्रियों ने गाजा में नागरिक आबादी पर हो रहे हमलों और विस्थापन के प्रयासों पर चिंता जताई। उनके अनुसार, यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

इजरायल के खिलाफ लगातार अंतरराष्ट्रीय दबाव, वैश्विक निंदा और फिलिस्तीनी नागरिकों की स्थिति को देखकर पीएम नेतन्याहू के तेवर नरम पड़ते नजर आ रहे हैं। अब उनका रुख युद्धविराम और सीजफायर की दिशा में बदलता हुआ प्रतीत हो रहा है।

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