हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलो, वरना पवार प्लांट्स तबाह करेंगे: ट्रंप का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलो, वरना पवार प्लांट्स तबाह करेंगे: ट्रंप का ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम

Open the Strait of Hormuz, or we'll destroy power plants: Trump's 48-hour ultimatum to Iran

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह और बिना किसी खतरे के नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के पवार प्लांट्स (बिजली संयंत्रों)पर हमले करेगा।

सोशल मीडिया पर किए गए अपने पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “यदि ईरान इस समय से 48 घंटे के भीतर, बिना किसी धमकी के, होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोलता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनके विभिन्न विद्युत संयंत्रों पर हमला करेगा और उन्हें नष्ट कर देगा, सबसे पहले सबसे बड़े संयंत्र से शुरुआत करेगा।” इस बयान ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में जारी संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पहली बार लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने 4,000 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलें दागीं, जिससे संघर्ष के दायरे के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

इजरायल के सैन्य अधिकारी इयाल ज़मीर ने दावा किया कि ईरान ने डिएगो गार्सिआ स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए दो लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं। उन्होंने यह भी कहा कि इन मिसाइलों की रेंज यूरोप तक पहुंचती है, जिससे बर्लिन, पेरिस और रोम जैसे शहर भी संभावित खतरे की जद में आ सकते हैं।

इस बीच, अमेरिकी और इजरायली बलों द्वारा ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन परिसर पर हमले की खबरें भी सामने आई हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, शनिवार सुबह इस परमाणु केंद्र को निशाना बनाया गया।

अब तक इस संघर्ष में भारी जनहानि हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान में 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि ईरानी जवाबी हमलों में इजरायल में कम से कम 15 लोगों की जान गई है।

बता दें की, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% वहन करता है। अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रुप से ईरान पर युद्ध थोपने के बाद इसे ईरान द्वारा बाधित किया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है और तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है। 20 से अधिक देशों ने इस जलमार्ग में सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की अपील की है।

यूरोप और जापान ने भी स्थिति पर चिंता जताते हुए समन्वित प्रयासों के जरिए ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने की बात कही है। NATO को लेकर भी ट्रंप ने तीखी टिप्पणी की और इसे अमेरिका के बिना कागज़ का शेर कहा है। इससे पहले ट्रंप ने संकेत दिए थे कि अमेरिका अपने सैन्य अभियानों को सीमित करने पर विचार कर रहा है। लेकिन ताजा बयान से साफ है कि हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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