31 C
Mumbai
Wednesday, January 7, 2026
होमदेश दुनियापाकिस्तान: के पंजाब में बाढ़ से भारी तबाही, 24 घंटे में 63...

पाकिस्तान: के पंजाब में बाढ़ से भारी तबाही, 24 घंटे में 63 की मौत

आपातकाल घोषित

Google News Follow

Related

पाकिस्तान का पंजाब प्रांत इस समय भीषण मानूसनी बारिश और बाढ़ की चपेट में है। बीते 24 घंटों के भीतर बारिश से जुड़ी घटनाओं में 63 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे यह मानसून सीजन का अब तक का सबसे भयावह दिन बन गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने शुक्रवार (18जुलाई) को इस जानकारी की पुष्टि की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पंजाब में आपातकाल की घोषणा कर दी है।

भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हैं। प्रशासन के अनुरोध पर पाकिस्तानी सेना के जवान प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में जुट गए हैं। रावलपिंडी, लाहौर और अन्य शहरी क्षेत्रों में घरों में पानी भर गया, जिससे फर्नीचर, वाहन और जरूरी सामान को भारी नुकसान हुआ है।

रावलपिंडी शहर में 250 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। डब्ल्यूएएसए (WASA) के मुताबिक, सबसे ज्यादा बारिश चकलाला (239 मिमी), गवालमंडी (235 मिमी), न्यू कटारियन (220 मिमी), और पीर वड्डई (200 मिमी) में हुई। पीर वड्डई, टेंच भाटा, आरिया मोहल्ला, धोक सैयदां और चकरी जैसे इलाकों में बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई घरों में पानी भर गया है, और स्थानीय लोगों ने बताया कि वे अपने घरों से बाहर निकलने में असमर्थ हैं।

रावलपिंडी प्रशासन ने सार्वजनिक अवकाश की घोषणा करते हुए नागरिकों से घरों में ही रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने शुक्रवार तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा है कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोग कम से कम तीन से पांच दिनों के लिए भोजन, पानी और जरूरी दवाओं के साथ आपातकालीन किट तैयार रखें। NDMA ने देशभर में स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 जून से लेकर अब तक पाकिस्तान में 180 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, जिनमें 70 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बारिश से जुड़े हादसों में छत गिरना, करंट लगना और सड़क हादसे प्रमुख कारण रहे हैं।

पंजाब के अलावा, बलूचिस्तान में भी बारिश ने कहर बरपाया है। बुधवार को बलूचिस्तान में 16 लोगों की मौत हुई। पंजाब के गृह विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि बढ़ते जलस्तर के चलते नदियों, नहरों और तालाबों में तैरना या नाव चलाना बेहद खतरनाक हो गया है और इससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं।

पाकिस्तान में मानसून का यह दौर केवल जल प्रलय नहीं, बल्कि प्रशासनिक और मानवीय संकट बन चुका है। NDMA और स्थानीय प्रशासन के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है। आने वाले दिन और भी गंभीर हो सकते हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने अभी और बारिश की चेतावनी दी है। जानकारों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अनियोजित शहरीकरण ने इस प्राकृतिक आपदा को और विकराल बना दिया है।

यह भी पढ़ें:

गिलगित-बाल्टिस्तान में मसूद अजहर की मौजूदगी की खुफिया जानकारी!

मोतिहारी में गरजे प्रधानमंत्री मोदी, कहा — “बिहार को कांग्रेस-आरजेडी की बुरी नीयत से बचाना है”

एप्सटीन फाइल्स को लेकर एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप पर कसा तंज!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,490फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
286,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें