“मुझसे गलती हो गई, वापस आना चाहती हूं” पाकिस्तान से भारतीय सिख महिला का दर्दभरा संदेश

सुरक्षा और कानूनी स्थिति पर सवाल

“मुझसे गलती हो गई, वापस आना चाहती हूं” पाकिस्तान से भारतीय सिख महिला का दर्दभरा संदेश

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पाकिस्तान से सामने आए एक कथित ऑडियो क्लिप ने भारतीय नागरिक सरबजीत कौर की सुरक्षा और कानूनी स्थिति को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इस क्लिप में नवंबर 2025 में सिख तीर्थयात्रा के दौरान पाकिस्तान गई सरबजीत कौर बेहद व्यथित स्वर में भारत लौटने की अपील करती सुनाई दे रही हैं। ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

क्लिप में महिला अपने भारत में रह रहे पति से बात करते हुए कहती है कि पाकिस्तान में उसकी हालत ठीक नहीं है और वह अपने बच्चों के पास वापस जाना चाहती है। बातचीत के दौरान वह कई बार टूटती हुई यह स्वीकार करती है कि उससे गलती हो गई। ऑडियो में वह कहती है, “मैं यहां बहुत दुखी हूं। मैं अपने बच्चों के पास वापस जाना चाहती हूं। मैंने उन्हें बचपन से पाला है। यहां मैं हर पैसे के लिए जूझ रही हूं।”

वह यह भी दावा करती है कि उसके पास पहनने के लिए ठीक कपड़े तक नहीं हैं और उसे परेशान किया जा रहा है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं करती कि कथित उत्पीड़न कौन कर रहा है। बातचीत के एक हिस्से में वह अपने पति से कहती है कि उसे परेशान या नुकसान न पहुंचाया जाए। जवाब में पति उसे ढाढ़स बंधाते हुए भारत लौटने की बात करता है और ननकाना साहिब गुरुद्वारे के अधिकारियों से मदद लेने की सलाह देता है।

सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर ननकाना साहिब और आसपास के गुरुद्वारों के दर्शन के लिए सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं। उन्हें 13 नवंबर को जत्थे के साथ भारत लौटना था, लेकिन वह वापस नहीं आईं और समूह से अलग हो गईं।

इसके बाद पाकिस्तान से सामने आए वीडियो और रिपोर्टों में दावा किया गया कि 5 नवंबर को उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया, अपना नाम बदलकर नूर हुसैन रख लिया और शेखूपुरा ज़िले के नासिर हुसैन नामक व्यक्ति से विवाह कर लिया।

6 जनवरी को पाकिस्तानी अधिकारियों ने सरबजीत कौर को वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत भेजने की तैयारी की थी, लेकिन अंतिम क्षणों में यह प्रक्रिया बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के रोक दी गई। बाद में पाकिस्तानी मीडिया में कहा गया कि दस्तावेज़ी खामियों के कारण डिपोर्टेशन टाल दी गई। पहले की रिपोर्टों के अनुसार, तीर्थयात्रा वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बाद भी सरबजीत कौर पाकिस्तान में रह रही हैं, जिससे उनकी मौजूदगी की कानूनी स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

वायरल ऑडियो को लेकर अब तक न तो पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है और न ही भारत सरकार की ओर से कोई सार्वजनिक बयान दिया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि डिपोर्टेशन की प्रक्रिया दोबारा कब और कैसे शुरू होगी।

14 जनवरी 2026 तक स्थिति यथावत बनी हुई है। इस बीच, सरबजीत कौर की सहमति, सुरक्षा और पाकिस्तान में उनकी कानूनी स्थिति को लेकर सवाल लगातार बने हुए हैं, जिन पर दोनों देशों के स्तर पर स्पष्टता का इंतज़ार किया जा रहा है।

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