गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री चीमा के सामने ड्रग्स की उपलब्धता का मुद्दा उठाया था। आरोप है कि अपने गांव में चिट्टा (ड्रग्स के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) के चलन को लेकर चीमा से सार्वजनिक रूप से सवाल पूछने के बाद दबाव और धमकी मिलने पर उन्होंने जहर खा लिया।
मीडिया से बात करते हुए शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि एक बेबस पिता, जो इस लत के कारण अपने परिवार को न बचा पाने से दुखी और निराश था, जिसका परिवार बच्चे की लत के कारण सब कुछ खो चुका था, अपने क्षेत्र के विधायक के पास गया, जो वित्त मंत्री हरपाल चीमा हैं। गुलजार सिंह ने हिम्मत जुटाई और सवाल पूछा कि पंजाब में ‘चिट्टा’ की लत की हालत देखिए। सहानुभूति दिखाने के बजाय, कार्यक्रम के बाद उन्हें धमकी दी गई और कहा गया कि उन्हें झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा।
मजीठिया ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। यह पिछले साढ़े चार सालों से धीरे-धीरे बढ़ रही है। हरपाल चीमा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सबने मरने से पहले दिया गया बयान सुना, क्या वह (चीमा) कानून से ऊपर हैं। हम उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। हम उस परिवार के साथ खड़े हैं। मुझे पता चला है कि उनकी मौत डीएमसी में हुई।
शिअद नेता ने दावा किया कि हरपाल चीमा को बचाने के लिए मामले को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम सख्त और तुरंत कार्रवाई की मांग करते हैं ताकि कोई भी ड्रग तस्करों का साथ न दे सके। पंजाब सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आप के शासन में, खाने की डिलीवरी से ज्यादा तेजी से ड्रग्स की डिलीवरी होती है।
आईएएनएस से बात करते हुए कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने भी कहा कि पंजाब में ड्रग्स एक बहुत गंभीर मुद्दा है। इस सरकार के राज में हर गांव, हर मोहल्ले और हर गली में ड्रग्स आसानी से मिल रहे हैं। सरकार ने युवाओं को बर्बाद कर दिया है।
इससे पहले भाजपा ने भी राज्य में ड्रग्स की समस्या को लेकर आप सरकार पर तीखा हमला बोला था। आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि हजारों ड्रग तस्करों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है और वे अपनी सजा काटेंगे। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि अगर कोई और ड्रग तस्करी में शामिल पाया जाता है, तो हम उन्हें नहीं बख्शेंगे।
