प्रमोटर खरीदारी से निवेशकों का हौसला बढ़ा, रेलवे शेयर 35% उछला! 

गौर करने वाली बात यह है कि पिछले चार कारोबारी सत्रों में जुपिटर वैगन्स का शेयर 35 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है, जिसने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

प्रमोटर खरीदारी से निवेशकों का हौसला बढ़ा, रेलवे शेयर 35% उछला! 

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रेलवे सेक्टर से जुड़ी कंपनी जुपिटर वैगन्स लिमिटेड के शेयर इन दिनों दलाल स्ट्रीट पर चर्चा में बने हुए हैं। बुधवार को कंपनी का शेयर करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 350 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि ऊपरी स्तरों पर हल्की प्रॉफिट बुकिंग भी देखने को मिली।
इससे पहले मंगलवार को यह शेयर 335 रुपये पर बंद हुआ था। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले चार कारोबारी सत्रों में जुपिटर वैगन्स का शेयर 35 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है, जिसने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

इस हालिया तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह कंपनी के प्रमोटर टात्रावागोंका ए.एस. द्वारा की गई शेयर खरीदारी मानी जा रही है। प्रमोटर ने खुले बाजार से अपनी ही कंपनी के शेयर खरीदे हैं, जिससे निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत समर्थन मिला है। जानकारी के मुताबिक, प्रमोटर ने 28.72 लाख शेयर करीब 134.99 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। यह खरीदारी 470 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की गई है।

इस ताजा निवेश के बाद प्रमोटर टात्रावागोंका ए.एस. की हिस्सेदारी बढ़कर 8.22 करोड़ शेयर यानी 19.24 प्रतिशत हो गई है, जो पहले 7.93 करोड़ शेयर (करीब 18.69 प्रतिशत) थी। प्रमोटर की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी को बाजार आमतौर पर कंपनी के भविष्य को लेकर भरोसे के संकेत के तौर पर देखता है।

रिटर्न की बात करें तो जुपिटर वैगन्स के शेयर ने पिछले एक हफ्ते में 31 प्रतिशत से अधिक, एक महीने में 18 प्रतिशत और पिछले 3 साल में 289 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है। वहीं पिछले 5 साल में यह शेयर करीब 1976 प्रतिशत तक चढ़ चुका है। फिलहाल शेयर 345 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 544 रुपये रहा है।

टेक्निकल संकेतों पर नजर डालें तो शेयर का RSI 71.5 के स्तर पर पहुंच गया है, जो यह दर्शाता है कि शेयर ओवरबॉट जोन में प्रवेश कर चुका है। ऐसे में शॉर्ट टर्म में हल्का करेक्शन या पुलबैक देखने को मिल सकता है।

हालांकि शेयर अपने 8 में से 6 मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है, जिससे तेजी का ट्रेंड बरकरार दिखता है। लेकिन यह अभी भी 150 दिन और 200 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे है, जो लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत देता है।
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