केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोरक्को के आधिकारिक दो-दिवसीय दौरे के दौरान भारतीय समुदाय से बातचीत में कहा कि भारत ने पूर्व अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय आयात पर लगाये गए 50% के शुल्क (टैरिफ) पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी क्योंकि हमारी नीति व्यापक दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने कहा, “हमने प्रतिक्रिया नहीं दी… जो बड़े-दिल वाले और उदार लोग हैं, वे किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं करते।”
सुबह पहुंचने पर सिंह का स्वागत कासाब्लांका के मिलिट्री कमांड के हेड वाली और भारत के राजदूत संजय राणा ने किया। भारतीय समुदाय के कई प्रतिनिधि, जिनमें इंडियन एसोसिएशन के अध्यक्ष भी शामिल थे, उन्होंने भी किस्मत भरे अंदाज़ में केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया।
सिंगल-डे कार्यक्रमों में मंत्री वेरिचीद में स्थित टैटा एडवांस्ड सिस्टम्स के नए विनिर्माण संयंत्र (WhAP 8×8 व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म) के उद्घाटन के लिए scheduled हैं — यह अफ्रीका में भारत का पहला रक्षा निर्माण प्लांट है। सिंह ने इसे भारत के रक्षा उद्योग की वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
ऑपरेशन सिंधूर और आतंकवाद के सवाल पर सिंह ने कहा कि भारत ने आतंकियों को उनके धर्म के आधार पर नहीं मारा। “हमने किसी का धर्म देखकर नहीं, कर्म देखकर मारा है।” उन्होंने यह बात भारतीय समुदाय से करते हुए दोहराई कि भारत ने किसी भी सिविलियन को निशाना नहीं बनाया।
मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा, “हमने किसी भी नागरिक या किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान पर हमला नहीं किया। केवल भारत का यह चरित्र हो सकता है। यदि हमने चाहा होता तो किसी भी सैन्य या नागरिक प्रतिष्ठान पर हमला कर सकते थे, पर हमने ऐसा नहीं किया। हमें इस चरित्र को बनाए रखना चाहिए।”
कश्मीर और पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर (PoK) के संदर्भ में सिंह ने आक्रामक आशावाद व्यक्त किया और कहा कि PoK भी जल्द ही भारत का हिस्सा बनेगा क्योंकि वहां के लोग भी यह मांग करने लगे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पाँच साल पहले उन्होंने कश्मीर में भारतीय सेना को संबोधित करते हुए कहा था कि PoK पर आक्रमण कर कब्ज़ा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी — “मैंने तब कहा था कि हमें PoK पर आक्रमण कर कब्जा करना नहीं पड़ेगा, वह वैसे भी हमारा है; PoK खुद कहेगा, ‘मैं भी भारत हूँ’ ऐसा दिन आएगा।”
इस दौरे के दौरान राजनाथ सिंह की मौजूदगी को भारत-मोरक्को रक्षा और औद्योगिक सहयोग के नए अध्याय के संबंध में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, साथ ही मोरक्को में भारत के रक्षा उत्पादन और निर्यात के मौके बढ़ने की उम्मीद जतायी जा रही है।
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