राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार (12 सितंबर)को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव से डर के कारण ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं।
भागवत ने अमेरिका का नाम सीधे तौर पर लिए बिना कहा, “दुनिया में लोगों को डर लगता है कि अगर आगे वाला बड़ा होगा तो मेरा क्या होगा। भारत बड़ा होगा तो हमारा स्थान कहां रहेगा। इसलिए लागू करो टैरिफ। हमने तो कुछ किया नहीं था, जिसने किया था उसे तो पुचकार रहे हो क्योंकि वो साथ रहेगा तो भारत पर दबाव बना रहेगा। ऐसा क्यों है। आप 7 समंदर पार रहते हो, कोई संबंध तो आता नहीं। लेकिन डर लगता है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक इंसान और देश अपनी वास्तविक पहचान और स्वरूप को नहीं समझेंगे, समस्याएं बनी रहेंगी। भागवत ने कहा, “जब तक इंसान और देश अपनी असलियत नहीं समझेंगे, उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता रहेगा। अगर हम करुणा दिखाएं और डर पर काबू पाएं, तो हमारा कोई दुश्मन नहीं होगा।”
नागपुर में ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति सरोवर के 7वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए भागवत ने आध्यात्मिकता और एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आरएसएस भी लोगों की आंतरिक चेतना को जगाने के लिए काम करता है। आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा, “मैं-मेरा के चक्कर में यह सारी बात हुई। जब आप समझ जाओगे कि मैं-मेरा नहीं हम-हमारा है, तब सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। विश्व को आज सॉल्यूशन चाहिए।”
भागवत के इस बयान को भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों और हाल ही में टैरिफ विवाद के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि भारत की प्रगति और वैश्विक पहचान को रोकने के लिए ही ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें:
दिल्ली हाई कोर्ट में बम धमकी, न्यायाधीश और वकील निकाल लिए गए सुरक्षित !
अमेरिका में भारतीय की हत्या करने वाले का आपराधिक इतिहास, बाइडेन प्रशासन ने किया था रिहा!
‘लालबागचा राजा विसर्जन’ में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार!



