पहलगाम हमले का किंगपिन सैफुल्लाह कसूरी ने फिर दी भारत को धमकी; ‘भारत ने बड़ी गलती की’

कसूरी ने आरोप लगाया कि कश्मीर, अमृतसर, होशियारपुर, गुरदासपुर, जूनागढ़, मुनावदर के कुछ हिस्से, हैदराबाद दक्कन, बंगाल और पाकिस्तान के कुछ इलाके इस्लामाबाद से छीन लिए गए।

पहलगाम हमले का किंगपिन सैफुल्लाह कसूरी ने फिर दी भारत को धमकी; ‘भारत ने बड़ी गलती की’

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आतंकी संघटन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप दहशतगर्द ने पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इस स्वीकारोक्ति के साथ ही उसने भारत के खिलाफ धमकी भरते हुए हुए कहा कि नई दिल्ली ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर “बड़ी गलती” की है।

हाफिज सईद का करीबी और लश्कर का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी, जिसे पहलगाम आतंकी हमले का किंगपिन भी बताया जाता है, उसने सार्वजनिक सभा में हजारों लश्कर कैडर और समर्थको के बीच माना की ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। वीडियो में कसूरी को यह कहते सुना गया कि, “भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ी गलती की।” हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि इंडिया टुडे टीवी द्वारा नहीं की जा सकी है।

अपने भड़काऊ भाषण में कसूरी ने कहा, “मेरी आखिरी बात… अपने लोगों की सुनो, बाहर वालों की सुनो, दोस्तों की सुनो और दुश्मनों की भी सुनो, जो पाबंदियां लगाते हैं, जो रुकावटें खड़ी करते हैं, हमारी भी सुनो। जो हमें आतंकवादी के रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं, हमारी बात सुनो।”

रुख और कड़ा करते हुए उसने दावा किया कि “पूरी दुनिया को उलट-पलट किया जा सकता है, व्यवस्था बदली जा सकती है,” और यह भी दोहराया कि लश्कर अपने मकसद से पीछे नहीं हटेगा। कसूरी ने कहा, “हम अपने कश्मीर मिशन से कभी पीछे नहीं हटेंगे।”

अपने बयान में कसूरी ने कई ऐतिहासिक रूप से विवादित और उकसाऊ दावे भी किए। उसने आरोप लगाया कि कश्मीर, अमृतसर, होशियारपुर, गुरदासपुर, जूनागढ़, मुनावदर के कुछ हिस्से, हैदराबाद दक्कन, बंगाल और पाकिस्तान के कुछ इलाके इस्लामाबाद से छीन लिए गए। इन बयानों को कश्मीर से आगे लश्कर के वैचारिक एजेंडे को फैलाने और शत्रुता भड़काने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

इससे पहले पंजाब प्रांत के कसूर में एक रैली को संबोधित करते हुए कसूरी ने कहा था कि पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड बताए जाने के बाद वह मशहूर हो गया है। उसने कहा, “मुझ पर पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया गया, अब मेरा नाम पूरी दुनिया में मशहूर हो गया है।”

भारत ने पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले 26 हिंदुओ की हत्या के जवाब में 7 से 10 मई के बीच ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। इस दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित कुल नौ आतंकी शिविरों को नष्ट किया गया।

सरकार के अनुसार, यह कार्रवाई सटीक, सीमित और समयबद्ध थी, जिसका उद्देश्य केवल आतंकी ढांचे को ध्वस्त करना था, न कि नागरिकों या राज्य की संपत्तियों को निशाना बनाना। इसके बाद पाकिस्तान द्वारा ड्रोन के जरिए भारतीय सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिशों को भारतीय वायु रक्षा इकाइयों ने नाकाम कर दिया। नियंत्रण रेखा पर भी एक दर्जन से अधिक आतंकी लॉन्च पैड जमीनी हथियारों से तबाह किए गए। 10 मई को पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया, जिसके बाद सीजफायर और सैन्य कार्रवाई को लेकर समझ बनी।

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