11 सेकंड पहले रोका स्पेसएक्स का फाल्कन 9 मिशन का लॉन्च!

अब 22 जुलाई को होगी अगली कोशिश

spacex-falcon-9-launch-aborted-11-seconds-before-liftoff

एलन मस्क की एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स को सोमवार (21 जुलाई) रात एक बड़ा झटका तब लगा, जब उसका फाल्कन 9 रॉकेट लॉन्च से ठीक 11 सेकंड पहले रोकना पड़ा। यह मिशन लक्ज़मबर्ग की सैटेलाइट कंपनी SES के दो इंटरनेट उपग्रहों को मीडियम-अर्थ ऑर्बिट (MEO) में स्थापित करने के लिए निर्धारित था।

स्थानीय समयानुसार 5:27 PM EDT (रात 2:57 IST) पर फ्लोरिडा स्थित केप केनवरल स्पेस फोर्स स्टेशन से रॉकेट के उड़ान भरने की पूरी तैयारी थी। काउंटडाउन भी अंतिम चरण में था, लेकिन लॉन्च से ठीक 11 सेकंड पहले अचानक सिस्टम ने “अबॉर्ट” का आदेश दिया और मिशन रोक दिया गया। स्पेसएक्स ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर तुरंत जानकारी साझा की,“@SES_Satellites O3b mPOWER मिशन के आज के लॉन्च को स्थगित किया गया है। अब अगला प्रयास 22 जुलाई को किया जाएगा। वाहन और पेलोड पूरी तरह सुरक्षित हैं।”

हालांकि कंपनी ने लास्ट-मिनट अबॉर्ट का कोई विशिष्ट कारण नहीं बताया, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि मौसम की स्थिति केवल 20% अनुकूल थी। हालांकि लॉन्च विंडो में करीब 90 मिनट का समय बचा हुआ था, फिर भी कंपनी ने दिनभर के लिए लॉन्च को टाल दिया। अब अगला लॉन्च प्रयास मंगलवार, 22 जुलाई को किया जाएगा, जहां 5:12 PM EDT (रात 2:42 IST) से नया विंडो खुलेगा। स्पेसएक्स इस मिशन का लाइव प्रसारण अपनी वेबसाइट और एक्स हैंडल पर करेगा, जो लॉन्च से 15 मिनट पहले शुरू होगा।

SES द्वारा भेजे जा रहे दो उपग्रह O3b mPOWER कॉन्स्टेलेशन का हिस्सा हैं — यह एक अत्याधुनिक इंटरनेट नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य विश्व स्तर पर हाई-स्पीड, लो-लैटेंसी ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करना है। विशेष रूप से यह नेटवर्क दूर-दराज के क्षेत्रों और व्यावसायिक ग्राहकों के लिए डिज़ाइन किया गया है। अब तक स्पेसएक्स इस श्रृंखला के 8 सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च कर चुका है। अंतिम योजना के अनुसार, इस नेटवर्क में कुल 13 उपग्रह शामिल होंगे, जो मिलकर एक शक्तिशाली वैश्विक इंटरनेट ढांचा तैयार करेंगे।

यह मिशन केवल SES के लिए ही नहीं, बल्कि स्पेसएक्स की लॉन्च विश्वसनीयता के लिए भी अहम है। मौसम की अनिश्चितता और तकनीकी सावधानियों के बीच अब सबकी नजरें 22 जुलाई की नई लॉन्च विंडो पर टिकी हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो स्पेसएक्स एक और सफलता की ओर कदम बढ़ाएगा — और दुनिया की इंटरनेट कनेक्टिविटी को एक नई ऊंचाई मिलेगी।

यह भी पढ़ें:

2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट: हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती!

” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के लिए तैयार है सरकार, तो विपक्ष क्यों कर रहा हंगामा”

केरल से आखिरकार रवाना हुआ ब्रिटेन का एफ-35बी फाइटर जेट!

अमेरिका से डिलीवर हुए भारतीय सेना के पहले ‘अपाचे’ अटैक हेलिकॉप्टर !

Exit mobile version