चेन्नई रवाना होने से पहले सूरत एयरपोर्ट पर गुजरात सरकार के पर्यावरण मंत्री और तापी जिला प्रभारी मुकेश पटेल ने बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार आदिवासी समाज का विकास चाहती है। यह पहला प्रयास है, और भविष्य में 14 अन्य जिलों के आदिवासी बच्चों के लिए भी ऐसे शैक्षणिक टूर आयोजित किए जाएंगे।
वहीं, परियोजना प्रबंधक जयंत राठौर ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें वास्तविक दुनिया के अनुभवों से जोड़ना है। बच्चे इस टूर को लेकर उत्साहित हैं। पहली बार विमान यात्रा का अनुभव लेने के लिए उत्सुक नजर आए।
टूर पर रवाना होने से पहले छात्रा श्रुति सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत की। श्रुति ने कहा इसरो विजिट को लेकर हम बेहद खुश हैं। वहां विज्ञान को लेकर हमें जानकारी दी जाएगी।
वहीं, कोटवाड स्मित ने कहा कि इसरो जाने के लिए हम बहुत उत्साहित हैं। वहां के वैज्ञानिकों से कुछ सवाल करने को हम बेताब हैं।
बता दें, तापी जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले इन बच्चों का चयन एक विशेष परीक्षा के आधार पर किया गया था। इसरो में यह शैक्षणिक प्रवास रॉकेट लॉन्चिंग और अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित विषयों को समझने का अनूठा अवसर प्रदान करेगा।



