शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी छलांगा!

शुरुआती कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स तेजी के साथ 835.2 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 82,021.64 अंक पर पहुंच गया।

शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी छलांगा!

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बुधवार को भारतीय शेयर बाजारों की शुरुआत तेज़ी के साथ हुई। अमेरिकी राजकोषीय अनिश्चितता और वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच निवेशकों ने खरीदारी में रुचि दिखाई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 835.2 अंकों की छलांग लगाकर 82,021.64 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 262.3 अंक बढ़कर 24,946.20 पर खुला।
निफ्टी बैंक 182.85 अंक या 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 55,060 पर खुला। निफ्टी मिडकैप 100 भी 66.90 अंक या 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,249.60 पर हरे निशान में खुला। एनएसई में ऑटो, बैंक, एफएमसीजी, फार्मा और रियल्टी जैसे क्षेत्रीय सूचकांक कारोबार के शुरुआती घंटों में 1.5 प्रतिशत तक चढ़े। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस के क्षेत्रीय सूचकांकों में करीब 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई।

पिछले सप्ताह की शुरुआत में भारतीय शेयर सूचकांकों में उछाल आया, इस खबर से समर्थन मिला कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष कम हो गया है। दोनों देशों के सशस्त्र बलों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर  सहमति जताई है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “मौजूदा प्रीमियम वैल्यूएशन और व्यापार सौदे में देरी को देखते हुए, हम अल्पकालिक समेकन के एक चरण की उम्मीद करते हैं, जिसके कारण एफआईआई घरेलू बाजार में अपनी स्थिति कम कर सकते हैं।”

सेंसेक्स की कंपनियों में सन फार्मा, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और टाटा मोटर्स सर्वाधिक लाभ में रहे। इंडसइंड बैंक एकमात्र पिछड़ा हुआ बैंक रहा।

मूडीज रेटिंग्स ने बुधवार को कहा कि भारत अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक व्यापार व्यवधानों के नकारात्मक प्रभावों से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार घरेलू विकास से जुड़े कारक और निर्यात पर कम निर्भरता अर्थव्यवस्था को सहारा दे रही है।

भारत पर एक नोट में एजेंसी ने कहा कि निजी उपभोग को बढ़ावा देने, विनिर्माण क्षमता का विस्तार करने और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने की सरकारी पहल से वैश्विक मांग के कमजोर होते परिदृश्य को संतुलित करने में मदद मिलेगी।

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहे थे, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक नीचे था।मंगलवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.62 प्रतिशत बढ़कर 66.44 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

मंगलवार को शुरुआती ऊंचाई से पीछे हटते हुए 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 872.98 अंक या 1.06 प्रतिशत गिरकर 81,186.44 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 261.55 अंक या 1.05 प्रतिशत गिरकर 24,683.90 अंक पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, “अनिश्चितता और जोखिम में वृद्धि बाजार को अप्रत्याशित रूप से प्रभावित कर रही है। कल एफआईआई की ओर से 10016 करोड़ रुपये की बिक्री का आंकड़ा मई में उनकी बड़ी खरीद के बीच एक बड़ा उलटफेर है। यदि यह जारी रहता है, तो इससे बाजार पर दबाव पड़ सकता है।”

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध में ढील से एक और बढ़ावा मिला। वे 90 दिनों की शुरुआती अवधि के लिए अपने पहले से घोषित पारस्परिक शुल्क और काउंटर टैरिफ को वापस लेने पर सहमत हुए थे।

मंगलवार को, भारतीय शेयर सूचकांक लगातार तीसरे सत्र में गिर गए, संभवतः निरंतर लाभ बुकिंग के कारण, जबकि निवेशक भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की वार्ता पर आगे के अपडेट की प्रतीक्षा कर रहे थे।
इस सप्ताह बाजार सहभागियों की नजर भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के कई प्रमुख मैक्रोइकॉनोमिक संकेतकों पर है, जो वैश्विक आर्थिक गति और मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण पर महत्वपूर्ण संकेत देते हैं।

भारत में बाजार सहभागियों की निगाह 22 मई को जारी होने वाले एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई पर रहेगी। यह सूचकांक भारत के विनिर्माण क्षेत्र की सेहत और व्यापक कारोबारी भावना के बारे में जानकारी देगा।

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