‘सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क’ पर गावस्कर ने कहा, “अगर सूर्यकुमार यादव एक ओवर भी बल्लेबाजी करते, तो कुछ चौके-छक्के लगा सकते थे, जो उनके लिए अच्छा होता। लेकिन जिस तरह से उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ बल्लेबाजी की, शायद उन्हें बल्लेबाजी के अभ्यास की जरूरत नहीं है। सूर्या ने सोचा होगा कि अगर भारत किसी मैच में जल्दी विकेट गंवा देता है, तो कुलदीप यादव की बल्लेबाजी काम आ सकती है। शायद इसीलिए उन्होंने कुलदीप को बल्लेबाजी के लिए भेजा होगा।”
गावस्कर ने कहा, “वह एक बेहद अपरंपरागत सोच वाले कप्तान हैं। हमने श्रीलंका में देखा कि उन्होंने खुद गेंदबाजी की और रिंकू सिंह को भी गेंद सौंपी। उन्होंने हाथ से फिसलते नजर आ रहे मुकाबले का रुख पलते हुए भारत को जिताया। वह कुछ हटकर सोचने वाले कप्तान हैं। शायद इसीलिए उन्होंने बल्लेबाजी नहीं की और कुलदीप और अर्शदीप सिंह को मैदान पर उतारा।”
भारत ने आबू धाबी में खेले गए मुकाबले में 8 विकेट खोकर 188 रन बनाए। भारत की ओर से संजू सैमसन ने सर्वाधिक 56 रन बनाए। इसके जवाब में ओमान की टीम निर्धारित ओवरों में 4 विकेट खोकर 167 रन ही बना सकी। इस मैच के दौरान कप्तान सूर्या ने नई गेंद हार्दिक पांड्या को सौंपी और आठ गेंदबाजों को मोर्चे पर उतारा।
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