दुबई एयर शो 2025 के दौरान भारत में निर्मित हल्का लड़ाकू विमान तेजस शुक्रवार को एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। प्रदर्शन उड़ान के दौरान विमान अचानक नीचे की ओर झुकते हुए तेज रफ्तार से जमीन से टकरा गया, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ और आग का विशाल गोला उठता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पूरा हादसा कुछ ही सेकंड में होते देखा जा सकता है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पायलट ने इजेक्ट किया था या नहीं, और भारतीय वायुसेना (IAF) की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।
सूत्रों के अनुसार, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित यह विमान स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2 बजकर 10 मिनट पर रनवे के पास दर्शकों के सामने हवाई करतब दिखा रहा था, जब अचानक उसकी ऊँचाई तेजी से कम होने लगी और विमान सीधे धरती से जा टकराया। घटना इतनी भयावह थी कि चंद पलों में घना काला धुआं आसमान में उठने लगा और दर्शकों में अफरा-तफरी फैल गई।
BREAKING: India's Tejas Fighter Jet Has Just Crashed At The Dubai Airshow During A Flight Demonstration. pic.twitter.com/k5gX4epuJx
— John Basham (@JohnBasham) November 21, 2025
तेजस का यह दूसरा क्रैश है। इससे पहले 2024 में राजस्थान के पोखरण में एक तेजस विमान इंजन फेल होने की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इस दुर्घटना के बाद से तेजस परियोजना की सुरक्षा प्रणाली और उड़ान संबंधी विश्वसनीयता पर फिर सवाल उठने लगे हैं।
तेजस 4.5-पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे वायु सुरक्षा, आक्रामक हवाई समर्थन और नजदीकी लड़ाकू अभियानों के लिए तैयार किया गया है। यह अपने वर्ग में दुनिया के सबसे हल्के और सबसे छोटे लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रणाली मार्टिन-बेकर का ‘ज़ीरो-ज़ीरो’ इजेक्शन सीट मैकेनिज़्म है, जो पायलट को शून्य ऊँचाई और शून्य गति पर भी सुरक्षित इजेक्ट करने की क्षमता देता है—चाहे वह उड़ान भर रहा हो, लैंडिंग कर रहा हो या बेहद निचली ऊँचाई वाली उड़ान कर रहा हो।
A Tejas fighter has crashed during a display at Dubai air show. Awaiting info on pilot. pic.twitter.com/YT4DgLhXMr
— Angad Singh (@zone5aviation) November 21, 2025
दुबई एयर शो में हादसा देखने वाले दर्शक अभी भी सदमे में हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि तेजस सामान्य प्रदर्शन क्रम में था, तभी अचानक उसने नीचे की ओर गोता लगाया और बुरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। कुछ ही क्षणों में आग की लपटें और गाढ़ा धुआँ हवा में फैल गया, और आसपास मौजूद लोगों में भय का माहौल बन गया।
तेजस परियोजना भारत की आत्मनिर्भर रक्षा रणनीति का एक अहम हिस्सा है, जिसके माध्यम से भारतीय वायुसेना अपनी पुरानी होती लड़ाकू बेड़े को बदल रही है और विदेशी रक्षा आयात पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रही है। तेजस की पहली स्क्वाड्रन ‘फ्लाइंग डैगर्स’ वर्ष 2016 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुई थी। दुबई की इस घटना ने अब परियोजना की उड़ान सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जिन पर आधिकारिक जांच की प्रतीक्षा है।
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