प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट वाराणसी इन दिनों वकील और पुलिस के बीच टकराव के कारण सुर्खियों में है। शनिवार रात स्थानीय वकील शिव प्रताप सिंह अपनी पत्नी के साथ लक्ष्मी कुंड मंदिर से बाइक पर लौट रहे थे, तभी रथयात्रा चौराहे पर पानी भरे होने के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान उनका विवाद क्राइम इंस्पेक्टर गोपाल कन्हैया से हो गया।
शिव प्रताप का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने रास्ता देने से इनकार किया और उनकी बाइक जब्त करने की धमकी दी। बहस बढ़ने पर उन्होंने वकील पर किसी हथियार से हमला कर दिया, जिससे शिव प्रताप के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और हाथ टूट गया। उन्हें रक्तरंजित हालत में बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
छानबीन में पता चला कि शिव प्रताप केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के दामाद हैं। 2013 में गिरिराज के सहोदर भाई जयराज सिंह की बेटी शारदा सिंह से शादी की थी। विवाह समारोह में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए थे।
सोमवार को अदालत खुलते ही बनारस और सेंट्रल बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक हुई। वकीलों ने पुलिस के रवैये पर कड़ा रोष जताया और न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। मंगलवार को आक्रोशित वकीलों ने अदालत परिसर में बड़ागांव थाने के सब-इंस्पेक्टर मिथिलेश प्रजापति और एक सिपाही पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
कैंट थाने में 10 नामजद वकीलों और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। नाराज सब-इंस्पेक्टर की पत्नी अनीता यादव और परिजन पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने भरोसा दिलाया कि जल्द सख्त कदम उठाए जाएंगे और बार एसोसिएशन से सहयोग की अपील की। हालांकि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस घटना पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
वाराणसी में इस घटना के बाद से वकील-पुलिस के बीच तनाव चरम पर है। अदालतों में सामान्य कामकाज ठप है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोग चिंतित हैं कि यदि केंद्रीय मंत्री के दामाद के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी।
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