पुलिस सूत्रों के अनुसार, धमकी भरे ई-मेल में दावा किया गया कि परिसर को उड़ाने के लिए ‘सल्फर नाइट्रेट’ आधारित बम का इस्तेमाल किया जा सकता है। ई-मेल में यह भी कहा गया कि बम निरोधक दस्ता (बीडीडीएस) भी इस विस्फोटक का पता लगाने में असफल रहेगा।
संदेश की भाषा और उसमें किए गए दावों को देखते हुए पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। सूचना मिलते ही कोतवाली डीएसपी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और खोजी कुत्तों की टीम समाहरणालय परिसर पहुंची।
सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी निगरानी बढ़ा दी गई, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। एहतियातन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक समाहरणालय परिसर से कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है। हालांकि, जांच पूरी होने तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेंगी और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
इससे पहले, 6 फरवरी को रांची स्थित सिविल कोर्ट को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस मामले में घंटों चले तलाशी अभियान के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से कड़ा कर दिया गया था।
इधर, ताजा मामले में साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है। धमकी भरे ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और सर्वर की तकनीकी जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं दोनों मामलों के बीच कोई संबंध तो नहीं है।
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