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Saturday, February 7, 2026
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मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ लड्डू: परंपरा भी, सेहत का मजबूत सहारा भी! 

तिल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और अनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स दिल की सेहत को मजबूत बनाते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।

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भारत त्योहारों का देश है और यहां हर पर्व का अपना खास स्वाद और परंपरा होती है। मकर संक्रांति भी ऐसा ही त्योहार है, जो तिल और गुड़ से बने लड्डुओं के बिना अधूरा माना जाता है। इस दिन तिल-गुड़ खाने की परंपरा सिर्फ धार्मिक या सांस्कृतिक नहीं, बल्कि सेहत से भी गहराई से जुड़ी हुई है।

मकर संक्रांति जनवरी के महीने में आती है, जब उत्तर भारत समेत कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ती है। तिल और गुड़ दोनों की तासीर गर्म मानी जाती है। इनके लड्डू खाने से शरीर के अंदर का तापमान संतुलित रहता है, जिससे ठंड का असर कम होता है। साथ ही यह सर्दी-जुकाम, जोड़ों के दर्द और अन्य शीतकालीन समस्याओं से बचाव में भी मदद करता है।

सर्दियों में अक्सर लोगों को सुस्ती और थकान महसूस होती है। गुड़ एक नेचुरल एनर्जी बूस्टर है, जो बिना ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ाए शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है। वहीं तिल में मौजूद हेल्दी फैट्स शरीर को एक्टिव बनाए रखने में सहायक होते हैं।

हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और मैग्नीशियम बेहद जरूरी होते हैं। तिल में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो बच्चों की ग्रोथ और बुजुर्गों की कमजोर होती हड्डियों के लिए फायदेमंद है। नियमित रूप से तिल-गुड़ के लड्डू खाने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा भी कम हो सकता है।

गुड़ पाचन तंत्र के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। यह डाइजेस्टिव एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। सर्दियों में भारी भोजन के बाद तिल-गुड़ का सेवन पाचन को बेहतर बनाता है।

तिल में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और अनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स दिल की सेहत को मजबूत बनाते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, तिल के पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे सर्दियों में रूखेपन की समस्या कम होती है और नेचुरल ग्लो बना रहता है।

पोषक तत्वों से भरपूर तिल-गुड़ में कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं, जो खून की कमी दूर करने में सहायक हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन-बी6, विटामिन-ई, बी-कॉम्प्लेक्स और फाइबर मौजूद होता है, जो पाचन सुधारने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है।

इसलिए मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ के लड्डू खाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सेहत से जुड़ी एक हेल्दी आदत भी है। सर्दियों में अपनी डाइट में तिल और गुड़ को शामिल कर आप स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा लाभ उठा सकते हैं।

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