तुरंत राहत के लिए सबसे प्रभावी तरीका है आर.आई.सी.ई. रूल यानी रेस्ट, आईस, कम्प्रेशन और एलिवेशन। घुटनों को आराम देना, बर्फ की 15–20 मिनट तक सिकाई करना, हल्का इलास्टिक बैंडेज बांधना और पैरों को ऊंचाई पर रखकर आराम करना सूजन और दर्द को काफी हद तक कम करता है।
अगर सूजन कम हो और जकड़न ज्यादा हो तो गर्म पानी की सिकाई करना भी लाभकारी है, खासकर गठिया और मांसपेशियों की अकड़न में। इसके अलावा हल्की स्ट्रेचिंग और व्यायाम जैसे क्वाड्रिसेप्स को मजबूत करना, लेग रेज और हील स्लाइड वैज्ञानिक रूप से घुटने के दर्द से राहत देने में कारगर पाए गए हैं।
आहार में सुधार भी घुटनों की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ जैसे अलसी, अखरोट और मछली सूजन और दर्द को कम करते हैं। वहीं, अगर यूरिक एसिड की समस्या हो तो दाल, मांस और अल्कोहल से परहेज करना चाहिए।
घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे भी लंबे समय तक राहत देते हैं। हल्दी वाला दूध प्राकृतिक रूप से दर्द और सूजन को कम करता है, क्योंकि हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण रखता है।
आयुर्वेदिक औषधियां जैसे योगराज गुग्गुल, महारास्नादि काढ़ा और अश्वगंधा चूर्ण भी चिकित्सक की सलाह से सेवन करने पर लाभकारी हैं। साथ ही वजन नियंत्रित रखना, नियमित योग और व्यायाम जैसे वज्रासन, ताड़ासन और पवनमुक्तासन करना, तैलीय व जंक फूड से परहेज करना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना घुटनों को स्वस्थ रखने के सरल उपाय हैं।



