अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘एप्स्टीन फाइल्स’ जारी करने का बिल किया पारित

30 दिनों में सामने आएंगे हजारों गोपनीय दस्तावेज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘एप्स्टीन फाइल्स’ जारी करने का बिल किया पारित

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अमेरिकी राजनीति और न्याय व्यवस्था को हिला देने वाले जेफ्री एप्स्टीन मामले में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘Epstein Files Transparency Act’ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस कानून के लागू होते ही अगले 30 दिनों के भीतर अमेरिकी सरकार को एप्स्टीन से जुड़े सभी उपलब्ध दस्तावेज सार्वजनिक करने होंगे, डाउनलोड फ़ॉर्मेट में खोज योग्य होने चाहिए।

यह फैसला बुधवार देर शाम (19 नवंबर) को सामने आया, जब महीनों से जनता और मीडिया में बढ़ती मांग के बीच व्हाइट हाउस पर पारदर्शिता का दबाव चरम पर था। ट्रम्प ने अपने प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट कर कहा कि यह कदम उस मामले पर “स्पष्टता” लाएगा जो लंबे समय से रहस्य, अटकलों और राजनीतिक विवादों में घिरा हुआ था।

कांग्रेस में पारित यह बिल सरकार को बाध्य करता है कि वह सभी अनक्लासिफाइड दस्तावेज जारी करे, अत्यंत संवेदनशील सामग्री जैसे बच्चों के शोषण से जुड़े कंटेंट, पीड़ितों की पहचान, सक्रिय जांच से जुड़े विवरण या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सूचनाएं ही रोकी जाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि, “किसी भी दस्तावेज को इसलिए नहीं रोका जा सकता कि उसका खुलासा किसी सार्वजनिक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है।”

 जजों ने बताया कि अभी भी करीब 1 लाख पन्ने ऐसे हैं जो पूरी तरह सील्ड हैं और कभी सार्वजनिक नहीं हुए। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने कहा कि सरकार कानून का पालन करेगी और संपूर्ण पारदर्शकता सुनिश्चित करेगी।

एप्स्टीन की अपार संपत्ति, रहस्यमय जीवनशैली और राजनेताओं से लेकर अरबपतियों तक फैले संपर्कों ने वर्षों से इस मामले को विवादों के केंद्र में रखा है। पहले जारी किए गए दस्तावेजों में भी इसका संकेत मिलता रहा है कि असंख्य प्रभावशाली लोग उनके नेटवर्क से जुड़े थे।

ट्रम्प ने फाइलों की रिलीज़ को डेमोक्रेट्स पर निशाना साधने के रूप में भी प्रस्तुत किया। उन्होंने एप्स्टीन को डेमोक्रै बताया और उनके रिश्ते पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, पूर्व वित्त मंत्री लॉरेंस समर्स सहित कई डेमोक्रेट नेताओं से जोड़े। हाल ही में समर्स ने हार्वर्ड में अपनी शिक्षण जिम्मेदारियों से कदम पीछे खींचा था, जब एप्स्टीन के साथ उनके पुराने ईमेल सामने आए। दोनों ही नेताओं ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। ट्रम्प ने लिखा, “शायद अब सच सामने आ जाएगा खासकर कुछ डेमोक्रेट नेताओं के बारे में।”

हालांकि ट्रम्प इसे डेमोक्रेटिक समस्या बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐतिहासिक रिकॉर्ड दिखाते हैं कि एप्स्टीन का नेटवर्क दोनों पार्टियों में फैला था। ट्रम्प खुद भी 1990 और 2000 के दशक में एप्स्टीन को जानते थे, और हालिया कांग्रेस दस्तावेज़ों में उनका नाम भी कई बार आया।

एक ईमेल में (2011), एप्स्टीन ने गिसलेन मैक्सवेल को लिखा था कि ट्रम्प ने उसके घर में एक ऐसी महिला के साथ कई घंटे बिताए थे जो बाद में सेक्स ट्रैफिकिंग पीड़िता के रूप में सामने आई। ट्रम्प ने इन दावों को “पूरी तरह झूठ” बताया है।ट्रम्प के ऐलान के तुरंत बाद कई आलोचकों ने सवाल उठाए कि, क्या प्रशासन वास्तव में सभी दस्तावेज जारी करेगा?

कैलिफ़ोर्निया के सीनेटर एडम शिफ़ ने कहा कि उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं कि व्हाइट हाउस पूरी पारदर्शिता दिखाएगा। MS NOW पर उन्होंने कहा, “इस अध्याय को इतिहास में एक उदाहरण के रूप में लिखा जाएगा कि किसी संकट को कैसे नहीं संभालना चाहिए।”

कानून के तहत DOJ और FBI पर 30 दिनों की सख्त समयसीमा तय है। अब यह देखना होगा कि क्या सभी दस्तावेज समय पर जारी होते हैं, किन हिस्सों को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ के नाम पर रोका जाता है, और इन फाइलों से किन प्रभावशाली चेहरों पर असर पड़ेगा। एक बात निश्चित है: एप्स्टीन फाइल्स का खुलासा अमेरिकी राजनीति और सत्ता-तंत्र पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

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