शुरुआती कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल), आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और सिप्ला के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसकी वजह से बाजार कमजोरी के साथ खुला।
खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 498 अंकों यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,072 के स्तर पर था। तो वहीं एनएसई निफ्टी 134 अंक यानी 0.52 प्रतिशत टूटकर 25,560 के स्तर पर आ गया।
वैश्विक बाजारों का माहौल भी फिलहाल सतर्क बना हुआ है, जिसकी बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान है, जिसमें उन्होंने 8 यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाने की बात कही है। यूरोपीय देशों ने ट्रंप की ग्रीनलैंड को हासिल करने की योजना का विरोध किया है, जिससे वैश्विक निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
विभिन्न क्षेत्रों की बात करें तो, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई, तो वहीं निफ्टी आईटी में 0.5 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
जबकि निफ्टी मेटल इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
शुरुआती कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए। हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में अच्छा मुनाफा दिखाया है।
इसके विपरीत, टेक एम, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एचयूएल, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, बीईएल और एचडीएफसी लाइफ के शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान इंडेक्स ने 25,899 का उच्च स्तर और 25,473 का निचला स्तर छुआ।
एक्सपर्ट के मुताबिक, लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे चयनित और अनुशासित रणनीति अपनाएं। बाजार में गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ही ध्यान दें। निफ्टी में 26,000 के स्तर के ऊपर मजबूती से ब्रेकआउट और वहां टिके रहने के बाद ही नई खरीदारी की रणनीति बनाना बेहतर रहेगा।
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