ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ऐसा बयान सामने आया है, जिससे विश्वभर के लोगों की भौहें ऊपर चढ़ जाए। गुरुवार (12 मार्च) को ट्रम्प ने कहा कि तेल की कीमतें बढ़ने से अमेरिका को बड़ा आर्थिक लाभ होता है, क्योंकि देश दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी संदर्भ में ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है—और वह भी बहुत बड़े अंतर से—इसलिए जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो हम बहुत सारा पैसा कमाते हैं। लेकिन, एक राष्ट्रपति के तौर पर, मेरे लिए इससे कहीं ज़्यादा दिलचस्पी और अहमियत की बात यह है कि मैं एक दुष्ट साम्राज्य—ईरान—को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकूँ; ताकि वह मध्य-पूर्व और, सच कहूँ तो, पूरी दुनिया को तबाह न कर सके। मैं ऐसा कभी नहीं होने दूँगा! इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद। राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प”
ट्रम्प के इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने राष्ट्रपति की आलोचना करते हुए कहा कि उनका बयान दिखाता है की वह आम अमेरिकी नागरिकों की मुश्किलों की अनदेखी करतें है, क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ने से पेट्रोल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की लागत भी बढ़ जाती है।
एरिजोना से अमेरिकी सीनेटर मार्क केली ने ट्रम्प की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “गैस की कीमतें बढ़ने से असल फायदा केवल बड़ी तेल कंपनियों को होता है। लेकिन यह समझ में आता है कि ट्रम्प इससे खुश क्यों हैं, क्योंकि उन्होंने हमेशा सिर्फ अमीर लोगों की ही परवाह की है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। खासकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव ने तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
इसी बीच अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी गैसोलीन की कीमतें लगातार 13 दिनों से बढ़ रही हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें:
तमिलनाडु: 300 वर्ष पुराने हिंदू मंदिर के जीर्णोद्धार पर मुसलमानों का विरोध प्रदर्शन
सनराइजर्स की गद्दारी पड़ेगी भारी; पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने के बाद फैंस नाराज़
आतंकी फंडिंग मामले में कश्मीरी अलगाववादी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
