वजन घटाने के लिए कौन-सा स्नैक बेहतर है – मूंगफली या मखाना?

जंक फूड, मीठे स्नैक्स और तैलीय चीजों की बजाय मखाना और मूंगफली चुनना कहीं बेहतर है।

वजन घटाने के लिए कौन-सा स्नैक बेहतर है – मूंगफली या मखाना?

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स्नैकिंग लगभग सबके लिए ज़रूरी होती है। चाहे शाम 4 बजे की भूख हो या मूवी टाइम का मज़ा, हम सब कुछ हल्का और स्वादिष्ट खाने की तलाश में रहते हैं। ऐसे में हेल्दी स्नैकिंग का महत्व बढ़ जाता है, क्योंकि चिप्स और डिप्स स्वाद तो देते हैं, लेकिन पोषण नहीं।
मखाना (फॉक्स नट्स) और मूंगफली (ग्राउंडनट्स)​ 
 

ये छोटे-छोटे, कुरकुरे और बहुउपयोगी स्नैक्स न सिर्फ़ हेल्दी हैं बल्कि पार्टी स्नैक्स के रूप में भी बेहतरीन साबित होते हैं। कुछ लोग इन्हें भूनकर खाना पसंद करते हैं, तो कुछ नमक या मसाले डालकर।

असली सवाल: मखाना बनाम मूंगफली – वजन घटाने के लिए बेहतर क्या है?

मखाने हल्के होते हैं, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, जिससे पेट देर तक भरा रहता है और पाचन भी बेहतर होता है। दूसरी ओर, मूंगफली कैलोरी और प्रोटीन से भरपूर होती है। इसमें विटामिन E, बी-विटामिन्स, मैग्नीशियम और अच्छी वसा (MUFA और PUFA) पाई जाती है, जो दिल और मेटाबॉलिज़्म के लिए फायदेमंद हैं।

न्यूट्रिशन तुलना

100 ग्राम मखाना​ में लगभग 356 कैलोरी, बहुत कम वसा (0.1–0.5 ग्राम), फाइबर और मिनरल्स की अच्छी मात्रा।​ वही​, दूसरी ओर 100 ग्राम मूंगफली​ में 550 से ज़्यादा कैलोरी, 40–50 ग्राम वसा और 20–25 ग्राम प्रोटीन।

यानी वज़न घटाने वालों के लिए मखाना बेहतर विकल्प है क्योंकि यह लो-कैलोरी और हाई-फाइबर स्नैक है। वहीं, मूंगफली उन लोगों के लिए सही है जिनकी एक्टिव लाइफ़स्टाइल है या जिन्हें ज़्यादा एनर्जी की ज़रूरत होती है।

ध्यान दें: किडनी की समस्या वाले लोगों को मूंगफली से बचना चाहिए क्योंकि इसमें पोटैशियम की मात्रा ज़्यादा होती है।

कितना खाना सही है?

विशेषज्ञों के अनुसार, रोज़ाना 30–50 ग्राम मखाना या मूंगफली लेना पर्याप्त है।
साथ ही, दोनों का कॉम्बिनेशन भी अच्छा विकल्प है – 75% मखाना और 25% मूंगफली। इससे प्रोटीन और फाइबर दोनों मिलते हैं।

खाने का सही तरीका

तला हुआ या ज़्यादा तेल में बना स्नैक कम करें। भूनकर, सलाद में मिलाकर या अनाज के साथ खाना ज़्यादा फायदेमंद है। नमक, मसाला और घी डालने पर भी इन्हें हेल्दी रखा जा सकता है, लेकिन मात्रा और पकाने के तरीके पर ध्यान देना जरूरी है।

​सरल रोस्टिंग या हल्की घी-रोस्टिंग मूंगफली के पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करती है, जिसका श्रेय ब्यूटिरिक एसिड को जाता है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मूंगफली पर ज़रूरत से ज़्यादा मसाले न डालें। हल्का मसाला ठीक है, लेकिन ज़्यादा तीखापन गैस्ट्रिक समस्या और एसिडिटी का कारण बन सकता है।

मूंगफली खाने का सबसे अच्छा तरीका? ड्राई-रोस्टेड मूंगफली। क्योंकि तलने या अधिक नमक डालने से वसा और सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे इसके फायदे कम हो जाते हैं। हल्की रोस्टिंग मखाने और मूंगफली – दोनों के पोषण मूल्य को बढ़ाती है, लेकिन ज़्यादा मसाला डालना नुकसानदेह हो सकता है।

मखाना : फाइबर और कम कैलोरी के कारण फायदेमंद।

मूंगफली : प्रोटीन और हेल्दी फैट्स का बेहतरीन स्रोत।

दोनों को संयमित मात्रा में खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। लेकिन सिर्फ़ मखाना या सिर्फ़ मूंगफली खाने से वज़न कम नहीं होगा।

जंक फूड, मीठे स्नैक्स और तैलीय चीजों की बजाय मखाना और मूंगफली चुनना कहीं बेहतर है।

डॉ. सेल्वी का कहना है “कोई भी एक अकेला भोजन शरीर की सभी ज़रूरतें पूरी नहीं कर सकता। संतुलित आहार ही सही तरीका है, जिसमें सब्जियां, साबुत अनाज, फल, कम वसा वाला प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व शामिल हों। साथ ही सक्रिय जीवनशैली और पर्याप्त नींद वजन घटाने में मददगार हैं।”

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