क्या अमेरिका करेगा ईरान पर हमला? भारी सैन्य जमावड़े के साथ इज़राइल भी युद्ध के लिए तैयार

क्या अमेरिका करेगा ईरान पर हमला? भारी सैन्य जमावड़े के साथ इज़राइल भी युद्ध के लिए तैयार

Will the US attack Iran? With a massive military buildup, Israel is also ready for war.

ईरान को लेकर पश्चिम एशिया में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच चूका है। अमेरिका ने विमानवाहक पोत और लड़ाकू विमानों सहित महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों को ईरान के नजदीक तैनात करना शुरू कर दिया है। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों के माध्यम से कभी टकराव तो कभी संयम के संकेत दे रहे हैं। जिसके चलते पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ी है। वहीं, इज़राइल ने आशंका जताई है कि यदि अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो तेहरान बदले में यहूदी राष्ट्र को निशाना बना सकता है, जिसके चलते इजराइल ने भी अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर डाल दिया है।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने अपने यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को मजबूत करना शुरू कर दिया है, जो पश्चिम एशिया में उसके सैन्य अभियानों की निगरानी करता है। रिपोर्टों के अनुसार, एफ-15ई स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमानों और विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को रणनीतिक रूप से ईरान के करीब लाया गया है। इसके अलावा, क्षेत्र में वायु और मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भी मजबूत किया गया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार (22 जनवरी)को स्वयं इस सैन्य गतिविधि की पुष्टि करते हुए कहा, “हमारी एक बड़ी नौसैनिक ताकत उस दिशा में जा रही है और हम देखेंगे कि क्या होता है। हमारे पास ईरान की ओर बढ़ती हुई एक बड़ी ताकत है। मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो, लेकिन हम ईरान पर बहुत करीबी नजर रखे हुए हैं।”

इससे एक दिन पहले, दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान ट्रंप ने सीबीएस से बातचीत में कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी संभावित खतरों के चलते ईरान ने 837 प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजना को रोक दिया है और यह रोक उम्मीद है कि स्थायी होगी। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने पहले ईरान से आश्वासन मिलने के बाद संभावित सैन्य कार्रवाई भी रोक दी थी।

हालांकि, ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट और स्टारलिंक सेवाओं पर पाबंदी के बावजूद हिंसा और दमन की गंभीर खबरें सामने आ रही हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में एक अज्ञात ईरानी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि अशांति के दौरान अब तक 5,000 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 500 सुरक्षा कर्मी भी मारे गए हैं।

क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाते हुए, ईरान की इस्लामी रिजीम के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के शासन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। ट्रंप ने न्यूजनेशन से बातचीत में कहा कि तेहरान की ओर से कथित हत्या की धमकियों का जवाब अत्यधिक बल से दिया जाएगा और सैन्य विकल्प भी पूरी तरह खुले हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप अपने सलाहकारों पर निर्णायक कार्रवाई के विकल्पों के लिए दबाव बना रहे हैं।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने वॉल स्ट्रीट जर्नल में लिखे अपने लेख में चेतावनी दी कि यदि ईरान पर फिर से हमला हुआ तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। उन्होंने लिखा कि जून 2025 में ईरान ने जो संयम दिखाया था, वैसा अब नहीं होगा।

इज़राइली अखबार हारेत्ज़ के अनुसार, इज़राइल की रक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है और अधिकारी संभावित अमेरिकी हमले को निकट भविष्य की वास्तविक संभावना मानकर तैयारी कर रहे हैं। इज़राइली सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़ामिर ने कहा, इज़राइल के सामने मौजूद बहु-मोर्चा खतरों को देखते हुए होम फ्रंट कमांड पूरी तरह तैयार और सतर्क है।

फिलहाल, 22 जनवरी तक अमेरिका की ओर से किसी हमले को औपचारिक मंजूरी नहीं दी गई है। हालांकि, अमेरिकी सैन्य तैनाती का पैमाना, इज़राइल की बढ़ी हुई सतर्कता और राष्ट्रपति ट्रंप की बदलती बयानबाजी यह संकेत देती है कि हालात बेहद नाजुक हैं और किसी भी समय अचानक सैन्य कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता।

यह भी पढ़ें:

लव जिहाद: ‘समीर द्विवेदी’ बनकर समीर जाफरी ने हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाया; दुष्कर्म और ब्लैकमेल

कल्लू ईमान, इरफ़ान ने मकान मालिक के बेटे का किया अपहरण और हत्या; बॉक्स में बंद मिला शव

भारत-यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर मंगलवार को हो सकती है घोषणा

Exit mobile version