ज़ेलेंस्की की अयातुल्ला शासन को हटाने की मांग; कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक “अस्तित्व का हकदार नहीं है”

ट्रंप की चेतावनी—“बेहतर बर्ताव करें”

ज़ेलेंस्की की अयातुल्ला शासन को हटाने की मांग; कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक “अस्तित्व का हकदार नहीं है”

Zelenskyy calls for the removal of the Ayatollah regime; says the Islamic Republic "does not deserve to exist."

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के दमन और खुले कत्लेआम की कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी मुखर हो गई हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बुधवार (14 जनवरी) को ईरानी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक “अस्तित्व का हकदार नहीं है और शासन में बदलाव की जरूरत है।” दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को एक बार फिर चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को “बेहतर बर्ताव” करना चाहिए।

ज़ेलेंस्की ने कहा, “हम ईरान पर सख्त रुख का समर्थन करते हैं। ऐसा शासन जो इतने वर्षों से कायम है और जिसने इतने लोगों को मारा है, वह अस्तित्व का हकदार नहीं है। बदलाव जरूरी हैं। यूरोप में भी बदलाव जरूरी हैं—रूस द्वारा शुरू किया गया रक्तपात, जिसे वही आगे बढ़ा रहा है, उसे समाप्त होना चाहिए।”

ज़ेलेंस्की का यह बयान ईरान के विभिन्न शहरों में व्यापक प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों द्वारा कत्लेआम की खबरों के बाद बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बीच आया है।

ट्रंप की चेतावनी और ‘मानवता’ की अपील

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ा संदेश दिया। जब उनसे ईरान के लिए संदेश के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “संदेश यह है कि उन्हें मानवता दिखानी होगी। उनके सामने बड़ी समस्या है और मुझे उम्मीद है कि वे लोगों को नहीं मार रहे होंगे… ऐसा लगता है कि उन्होंने बहुत खराब बर्ताव किया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।”

ईरान की ओर से ट्रंप की चेतावनियों को बार-बार आंतरिक मामलों में दखल बताते हुए खारिज किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, “हां, ईरान ने पिछली बार भी यही कहा था, जब मैंने उनकी परमाणु क्षमता के साथ उन्हें उड़ा दिया था, जो अब उनके पास नहीं है। तो… उन्हें बेहतर बर्ताव करना चाहिए।”

ट्रंप ने मंगलवार (13 जनवरी) को ईरान के सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों से देशभर में आंदोलन जारी रखने की अपील की। ट्रुथ सोशल पर एक के बाद एक पोस्ट में उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपने देश के संस्थानों पर कब्जा करने का आह्वान किया और MIGA, यानी “मेक ईरान ग्रेट अगेन” का नारा भी दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है और “मदद रास्ते में है”।

तेहरान की प्रतिक्रिया और बढ़ता तनाव

इस सबके बीच ईरान अमेरिकी बयानों को सिरे से ख़ारिज कर चेतावनी दे चूका है की किसी भी तरह की अमेरिकी कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। वहीं, देश के भीतर प्रदर्शनों के दौरान सख्त कदमों की खबरों ने हालात को और भी तनावपूर्ण बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय में यह बहस तेज हो गई है कि ईरान में जारी संकट का समाधान राजनीतिक सुधारों से निकलेगा या अंतरराष्ट्रीय दबाव निर्माण करना होगा।

यह भी पढ़ें:

क्या सच में अमेरिका ग्रीनलैंड को हड़पने जा रहा है? नए बिल से ट्रंप की मंशा फिर चर्चा में

हसीना के खिलाफ ‘फ़र्जी’ केस का पर्दाफाश, नहीं मिल रहे पीड़ित

ऑपरेशन गैंग बस्ट: दिल्ली पुलिस द्वारा 48 घंटे की कार्रवाई में 500 से अधिक अपराधी गिरफ्तार

Exit mobile version