निर्मला सीतारमण ने पहनी बैंगनी कांजीवरम साड़ी! क्या है संदेश?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार रिकॉर्ड तोड़ यूनियन बजट पेश करेंगी

निर्मला सीतारमण ने पहनी बैंगनी कांजीवरम साड़ी! क्या है संदेश?

Nirmala Sitharaman wore a purple Kanjeevaram saree! What is the message?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार रिकॉर्ड तोड़ यूनियन बजट पेश करेंगी। बजट और निर्मला सीतारमण की पहनी साड़ियों के बीच एक खास कनेक्शन है। वह जो साड़ियां पहनती हैं और उनसे संदेश दिया जाता है, जो की हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इस साल भी सभी का ध्यान इस बात पर था कि निर्मला सीतारमण अपनी साड़ी के जरिए क्या संदेश देंगी। इस साल निर्मला सीतारमण अपने राज्य तमिलनाडु की पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को प्रोत्साहित करने के लिए हाथ से बुनी बैंगन के रंग की कांजीवरम साड़ी पहनकर कर्तव्य भवन में गईं। संयोग से, तमिलनाडु में इस साल के आखिर में चुनाव होने वाले हैं, जहां भाजपा दक्षिणी राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने की उम्मीद कर रही है ।

पिछले कुछ सालों में, सीतारमण की बजट दिवस पर पहनी साड़ियां चर्चा का खास टॉपिक रही। जिसमें सांस्कृतिक चिन्हों  के साथ-साथ राजकीय संदेश भी देखे गए हैं। वहीं तमिलनाडु में पारंपरिक रूप से बुनी जाने वाली कांजीवरम साड़ियों को 2005 में जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग मिला था। यह भारत की अलग-अलग तरह की हैंडलूम परंपराओं के लिए है, जो मंगलगिरी और इकत से लेकर बोमकाई, कांथा, मधुबनी और अब कांजीवरम तक फैली हुई हैं।

पिछले साल, वित्तमंत्री ने बिहार की बारीक मधुबनी कलाकृती ऑफ-व्हाइट हैंडलूम सिल्क साड़ी पहनी थी। यह साड़ी उन्हें पद्म श्री विनर दुलारी देवी ने तोहफे में दी थी। 2024 में, NDA की लोकसभा जीत के बाद पूरा बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने चमकीले लाल बॉर्डर वाली एक खूबसूरत मंगलगिरी साड़ी चुनी थी। साड़ी के कॉटन टेक्सचर और ज़री बॉर्डर ने आंध्र प्रदेश की हैंडलूम विरासत को हाईलाइट किया।

इस बार निर्मला सीतारमण ने कर्नाटक की इलकल बुनाई वाली लाल हथकरघा रेशमी साड़ी का चयन किया। इस साड़ी में काले बॉर्डर पर सोने की जरी का काम और पारंपरिक कसूती कढ़ाई खूबसूरती से की गई थी। यह क्लासिक भारतीय शैली का शानदार उदाहरण रही।

2022 के बजट को पेश करने के लिए वित्त मंत्री ने ओडिशा की बोमकाई साड़ी पहनी, गहरे भूरे रंग में पारंपरिक हथकरघा कला। यह स्थानीय कारीगरों के संरक्षण और सदियों पुरानी बुनाई परंपरा को बढ़ावा देने का सशक्त संदेश रहा।वहीं 2021 में उन्होंने तेलंगाना की पोचमपल्ली इक्कट सिल्क साड़ी का चुनाव किया, लाल और ऑफ-व्हाइट रंग में हरे बॉर्डर के साथ ज्यामितीय डिजाइन वाली साड़ी भारतीय शिल्प का सुंदर उदाहरण था। 2020 के महामारी के दौर में उन्होंने चमकीली पीली रेशमी साड़ी पहनी थी, जिसमें हरा बॉर्डर था। पीला रंग समृद्धि और आशा का प्रतीक है, जो चुनौतियों के बीच आर्थिक रूप से उबरने की उम्मीद जताता है।

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