कुछ पौधे ऐसे होते हैं, जो न सिर्फ बगीचे की सुंदरता को बढ़ाते हैं, बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। हालांकि इन पौधों के बारे में लोगों के पास कम ही जानकारी होती है। घर में कम जगह पर लगने वाले सुदर्शन पौधे के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन उसके गुणों से अनजान हैं। जितना सुंदर सुदर्शन का पौधा दिखने में लगता है, उतना ही चमत्कारी है। सुदर्शन जोड़ों के दर्द से लेकर कान के दर्द तक में लाभकारी है।
सुदर्शन ऐसा पौधा है, जिस पर शंख के समान फूल आते हैं। पौधे के फूल, पत्ती, और जड़ भी गुणों से भरपूर हैं, और सदियों से इसका इस्तेमाल दवा के रूप में आयुर्वेद में होता आया है। आयुर्वेद में सुदर्शन को गर्म तासीर का पौधा माना गया है, लेकिन अगर उसे चिकित्सक की सलाह के बाद इस्तेमाल किया जाए, तो इसके गुणों के जानकर आप हैरान हो जाएंगे।
महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या आम है। दवा लेने पर भी इस समस्या से छुटकारा नहीं पाया जा सकता है, लेकिन सुदर्शन के तने को दूध में पीसकर अगर लिया जाए तो लिकोरिया जैसी परेशानी से भी निजात पाई जा सकती है। इस परेशानी से महिलाओं में कमर दर्द और कमजोरी होने लगती है।
सुदर्शन त्वचा से संबंधित परेशानियों में भी दवा की तरह काम करता है। चर्म रोग से जूझ रहे हैं तो उसकी पत्तियों को पीस कर प्रभावित जगह पर लगाने से आराम मिलता है। इसकी पत्तियों के लेप को घाव पर भी लगाया जा सकता है। पत्तियों में मौजूद एंटीबायोटिक गुण घाव को जल्दी भरने में सहायता करते हैं।
अगर बार-बार कमजोरी महसूस होने के बाद बुखार आ जाता है, तब भी सुदर्शन के तने का प्रयोग किया जा सकता है। आयुर्वेद में पौधे के तने को उबालकर काढ़ा बनाकर पीने की सलाह दी जाती है। हालांकि, काढ़ा का प्रयोग डॉक्टरी सलाह के बाद ही करें। अगर जोड़ों या मांसपेशियों के दर्द की वजह से चलना-फिरना मुश्किल हो गया है, तब भी सुदर्शन लाभकारी है। गठिया की परेशानी में भी सुदर्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पौधे की जड़ पीसकर लेप को जोड़ों पर लगाकर सिकाई करें। इससे दर्द में राहत मिलेगी और सूजन में भी आराम मिलेगा। इसके अलावा, पत्तियों का काढ़ा भी डॉक्टरी सलाह पर लिया जा सकता है।
यह भी पढ़ें:
कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर भीड़ का हमला; 8 की मौत, 30 से अधिक घायल
सोमवार को यूरोपीय यूनियन की सुरक्षा बैठक बुलाने पर सोशल मीडिया में घिरी उर्सुला वॉन डेर लेयेन
खामेनेई की मौत के बाद क्या ईरान लौट सकते हैं आखरी शाह के पुत्र?
