29.4 C
Mumbai
Saturday, May 2, 2026
होमन्यूज़ अपडेटभारतीय सेना ने जारी की 7 पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों की सूची

भारतीय सेना ने जारी की 7 पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों की सूची

Google News Follow

Related

भारतीय सेनाने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले, पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों की सूची सार्वजनिक की है। पिछले वर्ष की सैन्य कार्रवाई में इन ठिकानों को निशाना बनाया गया था। सेना ने उपग्रह तस्वीरों के साथ इन ठिकानों पर हुए नुकसान को भी साझा किया है, जिससे ऑपरेशन की व्यापकता सामने आई है।

सेना द्वारा जारी सूची में सात प्रमुख स्थान कोटली अब्बास, कोटली गुलपुर, मेहमूना जोया, सैयदना बिलाल, भींबर, सवाई नाला और सरजल शामिल हैं। ये सभी ठिकाने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय आतंकी ढांचे से जुड़े बताए गए हैं।

यह कार्रवाई पिछले वर्ष 7 मई को शुरू किए गए ऑपेरशन सिंदूर का हिस्सा थी, जिसे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के जवाब में अंजाम दिया गया था। 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में 25 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने लोगों की पहचान की जांच कर उन्हें निशाना बनाया। इस हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंसफ़ोर्स ने ली थी, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन माना जाता है।

हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की योजना बनाई। ऑपरेशन के तहत मिसाइल, ग्लाइड बम और अन्य उन्नत हथियारों का इस्तेमाल करते हुए कुल नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इनमें बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट और मुजफ्फराबाद जैसे क्षेत्रों में सक्रिय आतंकी प्रशिक्षण केंद्र शामिल थे, जो जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे।

इन हमलों में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे गए थे। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत पर हमले किए, जिन्हें भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया। इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भी निशाना बनाया, जिनमें रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस, क्वेटा स्थित 12वीं कोर मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ सैन्य ठिकाने सटीक निशाने पर लिए गए।

यह भी पढ़ें:

जबलपुर दुर्घटना: नाव डूबने के बाद लाइफ-जैकेट की अफरा-तफरी

हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी अहमद सज्जाद इस्लामाबाद में मिला मृत

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला—सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ना मौलिक अधिकार नहीं

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,111फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
304,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें